युवाओं का जिक्र करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "अब प्रधानमंत्री के मुंह से निकले हुए शब्दों की कोई गंभीरता नहीं रही, कोई मर्यादा नहीं रही. आज फिर सुबह जब प्रधानमंत्री बोल रहे थे, तो पहली बात तो बड़ी अटपटी लगी कि साहब Gen Z को यह कहते हैं 'दिमागी नक्सल'. अरे यह दिमागी नक्सल नहीं है साहब, किसी दिन पलट के यह आपको 'दिमागी हिटलर' कह देंगे, या कह देंगे 'बिना दिमाग वाले', तो आप सदमे में फिर रीलबाजी शुरू कर देंगे, इसलिए यह सब मत कहा कीजिए."
यह पीढ़ी जब सड़क पर आती है, तो इस्तीफे लेकर जाती है : पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर हमला जारी रखते हुए कहा, यह कोई लॉलीपॉप जनरेशन (Gen Z ) नहीं है कि साहब 'मैं ऑनलाइन कोर्सेज लाऊंगा'. यह ई-विद्या क्या था फिर आपका? कुछ साल पहले ई-विद्या भी तो लाए थे. खत्म हो गया वह, अब नाम बदल दिया उसका? Gen Z को लॉलीपॉप जनरेशन मत समझिए. यह वह पीढ़ी है जो इस्तीफे लेना जानती है. यह पीढ़ी जब सड़क पर आती है, तो इस्तीफे लेकर जाती है. अब भी अगर आप नहीं सुधरे, अब भी अगर आप नहीं संभले, फिर आप जानिए."
"आज एक और बात बड़ी अटपटी लगी, आनंद भी आया. टेलीप्रॉम्पटर से आप पेपर पर आ गए, तो जबान लड़खड़ा गई. सोचिए, किसी दिन EVM से पेपर बैलेट पर आ गए तो क्या होगा?." - पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने महिला सुरक्षा और आरक्षण बिल पर घेरा
महिलाओं के सशक्तिकरण और महिला आरक्षण बिल के मुद्दों पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए खेड़ा ने कहा, "महिलाओं की अगर आप बात करते हैं, महिला आरक्षण बिल की बात करते हैं, तो याद करिए 2023 सितंबर में वह बिल पास हुआ, 2026 की अप्रैल तक आप उस पर बैठे रहे, नोटिफाई तक नहीं किया. क्यों? जवाब दीजिए. महिलाओं की सुरक्षा की जब आप बात करेंगे, तो अंकिता भंडारी, बिलकिस बानो, कठुआ, हाथरस, उन्नाव—यह सब याद करने के बाद आपका मुंह खुद बंद हो जाएगा, आपको बोलना नहीं पड़ेगा. अपने कारनामे, अपनी पार्टी के कारनामे याद आ जाएंगे आपको, इसलिए छोड़ दीजिए यह सब बोलना."
समारोह में विपक्ष की अनुपस्थिति और IT सेल पर हमला
स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अनुपस्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं पर कहा, "खरगे जी नहीं आए, बड़ी शिकायत थी आपको. क्यों, खरगे जी का फिर से अपमान करना था? फिर से शुद्धिकरण करना चाहते थे उस जगह का जहां खरगे जी आएंगे? अरे छोड़िए, यह वह पार्टी है जिसने स्वतंत्रता के आंदोलन में हिस्सा लिया. वह कार्यक्रम में हिस्सा लें न लें, कोई मायने नहीं रखता. आज आपकी आईटी सेल (IT Cell) ने आपको आईना दिखा दिया. नॉर्मली क्या होता है, आईटी सेल जो आप कहते हो उसका प्रचार करती है, आज आईटी सेल आपका प्रचार नहीं कर पाई, बोर हो गए वह भी. वह भी कांग्रेस का सहारा ले रहे हैं—कांग्रेस की निंदा, कांग्रेस से सवाल. अरे भाई, आज तो आपके भाषण को चलाना था, आज भी कांग्रेस को चला रहे हैं तो सोचिए समय बदल चुका है."
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