Parliament Special Session 2026: गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन किंतु-परंतु और अगर-मगर का उपयोग करके महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है. उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं. गृह मंत्री ने अलग-अलग सीटों के बीच जनसंख्या के असंतुलन का हवाला देते हुए कहा कि यह परिसीमन से ही ठीक हो सकता है और विपक्ष को इसमें सहयोग करना चाहिए.
विपक्ष किंतु-परंतु बोलकर महिला आरक्षण का कर रहा विरोध- शाह
शाह ने कहा- सबने सदन में बोला कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जब बारीकी से देखें तो ‘इंडी’ गठबंधन के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु का उपयोग करके महिला आरक्षण का विरोध किया. उन्होंने कहा- किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख की आबादी हो गई है तो कहीं 60 हजार है. सांसद तो अपने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों को अपना मुंह दिखा नहीं पाते. ऐसी स्थिति में कोई सांसद कैसे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा. उन्होंने कहा- इसी बात को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है.
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि 140 करोड़ लोगों के मन कोई शक यह गलतफहमी नहीं हो, इसलिए जातिवार गणना के साथ जनगणना कराने का फैसला लिया गया और इसकी शुरुआत हो चुकी है.
शाह ने कहा कि अगर विपक्ष वोट नहीं देगा तो यह विधेयक गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाओं को पता चल जाएगा कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है.
अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन पर सदन में करीब 133 सदस्यों ने अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि इनमें 56 महिला सांसद शामिल थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण स्वीकार नहीं करता- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि कुछ सदस्यों ने गलतफहमी फैलाई है कि मुसलमान महिलाओं को भी आरक्षण मिले. इसपर अमित शाह ने कहा- मैं यहां सरकार, संविधान, बीजेपी की नीतियों के बारे में साफ करना चाहता हूं कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है.
