Parliament Monsoon Session: संसद में जारी हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार (10 अगस्त) को कहा कि सरकार छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में सवाब देंगे. उन्होंने विपक्ष से अपील की है कि जब केंद्रीय गृह मंत्री सदन में सरकार की ओर से जवाब दें, तो उनकी बात शांतिपूर्वक सुनी जाए और कार्यवाही में बाधा न डाली जाए.
रिजिजू ने कहा कि सरकार का रुख साफ है और वह छात्र आंदोलन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा चाहती है. उन्होंने कहा कि एक बार चर्चा शुरू होने के बाद सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए.
सरकार का प्रस्ताव स्पष्ट है कि वह छात्र आंदोलन और उससे संबंधित गतिविधियों पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है- केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू
गृह मंत्री के जवाब में बाधा न डाले विपक्ष- बोले रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बात रख सकता है, लेकिन जब सरकार की ओर से जवाब दिया जा रहा हो तो सदन में व्यवधान नहीं होना चाहिए. रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए. इसके बाद मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है.
राहुल गांधी ने अमित शाह पर साधा निशाना
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और बल प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि घटना को करीब 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री ने संसद में इस मुद्दे पर जवाब नहीं दिया. राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग भी दोहराई.
हंगामे के बीच लोकसभा में चार विधेयक पेश
सोमवार को विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए. इनमें ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं. हालांकि विपक्ष का हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करनी पड़ी.
छात्र कार्रवाई और राम मंदिर चंदे पर विपक्ष हमलावर
विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं. समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरते हुए पूछा कि छात्रों पर लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने प्रस्तावित FCRA संशोधन विधेयक को लेकर भी सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार FCRA के जरिए विभिन्न संस्थानों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है.
Also Read:मानसून सत्र: लोकसभा में 4 विधेयक पेश, विपक्ष का हंगामा जारी, FCRA पर बढ़ी तकरार
