Nishikant Dubey :संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिन दलों के शासनकाल में कई पेपर लीक हुए, वे आज इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास इस विषय पर चर्चा करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और इसी कारण वह बहस से बच रही है.
चर्चा होगी तो कांग्रेस की पोल खुल जाएगी
निशिकांत दुबे ने बताया कि कांग्रेस किस तरह की चर्चा करेंगी क्योंकि वह खुद पेपर लीक के 'किंग' हैं. कांग्रेस इन मामलों पर बात करने से इसलिए भाग रही है क्योंकि उन्हें पता है कि बहस के दौरान उनके शासनकाल के पेपर लीक के मामले सामने आ जाएंगे. बीजेपी नेता दुबे आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रहा है.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक पर बहस करने से भाग रही हैं. क्योंकि ये (कांग्रेस) खुद पेपर लीक के बादशाह हैं. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के चलते 1956 में कांग्रेस के वित्त मंत्री सीडी देशमुख ने इस्तीफा दिया था.
पुरानी घटनाओं का दिलाया हवाला
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस शासित राज्यों और पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान सामने आए विभिन्न भर्ती परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। वहीं विपक्ष लगातार हाल के वर्षों में हुई नीट-यूजी, यूजीसी-नेट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में कई बार हंगामा भी हो चुका है।
पेपर लीक बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं की चिंता बढ़ाई है। सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है। ऐसे में संसद के भीतर और बाहर पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।
