Pakistan Visa: मध्य प्रदेश में रह रहे 228 पाकिस्तानी, 27 अप्रैल से पहले छोड़ना होगा भारत

Pakistan Visa: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. सरकार ने भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ना का आदेश दे दिया है. सभी को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है. इस बीच आंकड़ा सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश में कुल 228 पाकिस्तानी नागरिक रहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द भारत छोड़ना होगा.

Pakistan Visa: मध्यप्रदेश में रह रहे 228 पाकिस्तानी नागरिकों को केंद्र द्वारा निर्धारित 27 अप्रैल की समयसीमा से पहले भारत छोड़ना होगा. भारत ने गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए सभी वीजा 27 अप्रैल के प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की और पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द घर लौटने की सलाह दी. पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारे पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 228 पाकिस्तानी नागरिक हैं. हमारा काम उन्हें (केंद्र को) ऐसे लोगों के बारे में सूचित करना है.” उन्होंने कहा कि केंद्र के निर्देश के अनुसार ऐसे लोगों को भारत छोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि जो पाकिस्तानी नागरिक चले गए हैं, उनके बारे में आंकड़ा शाम तक आने की उम्मीद है.

अमित शाह ने राज्यों को दिया आदेश, जल्द से जल्द पाकिस्तानियों को वापस भेजें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित समयसीमा से अधिक समय देश में न रहे. मुख्यमंत्रियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करें और उनका निर्वासन सुनिश्चित करें.

हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को राहत

वीजा रद्द करने का यह फैसला हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को पहले से जारी दीर्घकालिक वीजा पर लागू नहीं होगा, वह वैध रहेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द हो गए हैं, जबकि पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध होंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में वर्तमान में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को अपने वीजा की अवधि समाप्त होने से पहले देश छोड़ना होगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >