Jammu And Kashmir: जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान और पाकिस्तान की नाराजगी के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और आगे भी रहेंगे. वहीं पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नजर नहीं आती.
मैं फिर दोहराता हूं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं. वे पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान ने जताई थी आपत्ति
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था. इसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया. पाकिस्तान ने दावा किया कि अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर तथ्यात्मक रूप से गलत है और अमेरिका के पुराने रुख से मेल नहीं खाती.
उमर अब्दुल्ला बोले- यह अमेरिका और पाकिस्तान का मामला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर कहा कि यह पाकिस्तान और अमेरिका के बीच का मामला है. सर्जियो गोर ने श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला से मुलाकात भी की थी. यह 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर की पहली स्वतंत्र यात्रा थी.
सर्जियो गोर ने सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की
श्रीनगर दौरे के दौरान अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यहां सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. गोर ने जम्मू-कश्मीर को बेहद खूबसूरत जगह बताते हुए कहा कि बहुत से अमेरिकी नागरिक यहां आकर इस क्षेत्र की खूबसूरती देखना चाहेंगे.
अमेरिका यात्रा सलाह पर कर सकता है पुनर्विचार
अमेरिकी राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर को लेकर अपने नागरिकों के लिए जारी यात्रा सलाह की समीक्षा कर सकता है. फिलहाल अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के लिए अपने नागरिकों को सबसे उच्च स्तर की Do Not Travel एडवाइजरी जारी कर रखी है. गोर ने कहा कि अमेरिका समय-समय पर अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करता है और जम्मू-कश्मीर को लेकर भी इस पर विचार किया जाएगा.
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से
पूरे विवाद के बीच भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दर्जे को लेकर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं. वहीं अमेरिकी राजदूत के बयान और पाकिस्तान की आपत्ति के बाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर कूटनीतिक चर्चा में आ गया है.
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