कोरोना वायरस को रोकने के लिए पी चिदंबरम ने की टोटल लॉक डाउन की मांग

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता P Chidambaram ने बुधवार को कहा कि corona virus का प्रसार रोकने के लिए विभिन्न शहरों में सबकुछ बंद किया जाए और दूसरे सख्त कदम उठाये जाये. उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार गरीबों की मदद के लिए कदमों की घोषणा करे.

नयी दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए विभिन्न शहरों में सबकुछ बंद किया जाए और दूसरे सख्त कदम उठाये जाये. उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार गरीबों की मदद के लिए कदमों की घोषणा करे. पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ”कई नगरों और शहरों में अब पूरी तरह बंद किये जाने की घोषणा का समय है ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके.”

उनके मुताबिक, अब ऐसे कड़े कदम उठाने का समय है जो भले ही पीड़ादायक हों लेकिन दुखी रहने से बेहतर है कि सुरक्षित रहा जाये. कांग्रेस नेता ने कहा, ”इसके साथ ही सरकार को कोरोना वायरस के आर्थिक नुकसान की समस्या के निदान की ओर भी ध्यान देना चाहिए और सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले गरीब लोगों की मदद के लिए कदमों की घोषणा की जानी चाहिए.”

गौरतलब है कि अबतक देश में कुल 147 मामले सामने आये हैं. देश के कुल 16 राज्य में कोरोना वायरस अपने पैर पसार चुका है. कुल तीन लोगों की मौत देश में हो चुकी है. कल पश्चिम बंगाल से भी एक व्यक्ति के संक्रमित होने की खबर आयी है.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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