Jammu Kashmir Flood Video : शनिवार (18 जुलाई) शाम से शुरू हुई लगातार मूसलाधार बारिश के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रविवार (19 जुलाई) तड़के अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई. नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. एक अधिकारी ने बताया कि पुंछ जिले में रात भर हुई भारी बारिश में चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई लापता है.
राजौरी में निजी संपत्ति को ज्यादा नुकसान
राजौरी शहर के नए बस स्टैंड समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए. कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गए या पानी में डूब गए. प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाढ़ से सरकारी ढांचे और लोगों की निजी संपत्ति को ज्यादा नुकसान पहुंचा है.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. बाढ़ से प्रभावित एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सब कुछ खत्म हो गया. हमारा पूरा सामान पानी में बह गया. एक महिला अब भी लापता है. बाढ़ का वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. देखें वीडियो.
तेज बहाव में बह गईं कई गाड़ियां
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजौरी की दरहाली, खांडली, सुकतोह और जमोला समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया. दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी. इसके बाद बाढ़ का पानी नए बस स्टैंड में घुस गया, जहां खड़ी कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गए या पानी में डूब गए.
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अब्दुल्ला ब्रिज और तारिक ब्रिज के पास ज्यादा नुकसान देखने को मिला
अब्दुल्ला ब्रिज के पास की झुग्गी बस्ती में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे 50 से ज्यादा परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा. वहीं, तारिक ब्रिज के आसपास का इलाका भी पानी में डूब गया. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने नदी किनारे और निचले इलाकों में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
पुलिस कर रही है लोगों की मदद
एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि उनकी टीमें हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है. बाढ़ से काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है, लेकिन असली नुकसान का पता पानी उतरने के बाद ही चलेगा. पुलिस लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है और नदी किनारे व निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रही है.
