उत्तराखंड के तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना, हिमस्खलन की चेतावनी

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम के तेवर तल्ख हैं. लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा बढ़ गया है. उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जिलों को सतर्क किया है. साथ ही तीन जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा है. यात्रा करने वालों से अनावश्यक आवाजाही से बचने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

Uttarakhand Weather: पश्चिमी विक्षोभ का खासा असर उत्तराखंड में दिखाई दे रहा है. खराब मौसम को देखते हुए उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी जारी की है. तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आपदा विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और हिमस्खलन की संभावना जताई है. उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जिलों को सतर्क किया है. चंडीगढ़ स्थित रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (DGRE) की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जनवरी शाम 5 बजे तक राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और हिमस्खलन की संभावना है.

तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

डीजीआरई की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में अधिकांश हिमस्खलन रास्तों पर गहरी और अस्थिर बर्फ मौजूद है, जिससे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में USDMA ने कहा है कि लोग सिर्फ चुनिंदा और अपेक्षाकृत सुरक्षित रास्तों से सीमित आवागमन करें. अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह जारी की गई है.

बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मंगलवार को फिर से बर्फबारी हुई. एक सप्ताह से भी कम समय में प्रदेश में दूसरी बार हिमपात हुआ है. चमोली जिले में बद्रीनाथ और रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और आसपास की चोटियों पर सोमवार रात से ही रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है. उत्तरकाशी जिले में भी बंदरपूंछ और अन्य पर्वतों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई. उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री सहित आसपास के इलाकों में बादल छाए रहे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >