विपक्ष ने राज्यसभा से किया वाॅकआउट, खरगे ने पीएम मोदी पर झूठ बोलने और गुमराह करने का लगाया आरोप

Opposition Walkout: प्रधानमंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार सहित विपक्षी सदस्य खरगे के साथ राज्यसभा से वाॅकआउट कर गए.

Opposition Walkout From Rajya Sabha : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे, इस दौरान विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष सदन से वाॅकआउट कर गया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने वॉकआउट का कारण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर झूठ बोलने, गुमराह करने और सच्चाई से परे बातें कहने की आदत का आरोप लगाया.

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को झूठ बोलने, लोगों को गुमराह करने और सच्चाई से परे बातें कहने की आदत है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान गलतबयानी की, जिसके कारण विपक्ष ने वॉकआउट किया.

संविधान को नष्ट करना चाहती है बीजेपी

खरगे ने कहा कि मैंने उनसे बस इतना पूछा कि आपने तो संविधान नहीं बनाया, आप लोग इसके खिलाफ थे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) शुरू से ही संविधान को नष्ट करना चाहता है. आरएसएस ने 1950 में अपने अखबार के संपादकीय में लिखा था कि संविधान की सबसे बुरी बात यह है कि इसमें भारत के इतिहास के बारे में कुछ भी नहीं है. उन्होंने संविधान का विरोध किया. आज मोदी जी कह रहे हैं कि वे संविधान के रक्षक हैं और हम संविधान के खिलाफ.

प्रधानमंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार सहित विपक्षी सदस्य खरगे के साथ राज्यसभा से वाकआउट कर गए.

विपक्ष के नेता का सम्मान करना सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी : शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष के राज्यसभा से वॉकआउट पर टिप्पणी की. पवार ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे का सम्मान करना सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी है. लेकिन आज सदन में खरगे जी का अपमान हुआ, इसलिए विपक्ष ने सदन से वाॅकआउट किया.

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सभापति धनखड़ ने कहा ‘संविधान की भावना का अपमान’

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष के वॉकआउट की निंदा करते हुए कहा कि यह “संविधान का अपमान” है. उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने “संविधान को चुनौती दी, संविधान की भावना का अपमान किया और अपनी शपथ का उल्लंघन किया”.

सच सुनने की हिम्मत नहीं करते: मोदी

पीएम मोदी ने भी विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि वे “सच सुनने की हिम्मत नहीं करते” और उच्च सदन की गौरवशाली परंपरा का अपमान कर रहे हैं”. वे झूठ फैलाते हैं, लेकिन जब सच सुनने की बारी आती है तो वे सदन से वाॅकआउट कर जाते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Mohit Dalal

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