Operation Shield : पाकिस्तान से सटे राज्यों में बजेगा सायरन, आतंकियों की नींद उड़ी

Operation Shield : 31 मई, शनिवार को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ में मॉकड्रिल होनी है जिसकी तैयारी कर ली गई है. भारत के इस मॉक ड्रिल से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. मॉक ड्रिल की तैयारी ने आतंकियों की नींद उड़ा दी है. डर का आलम यह है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी घबराहट में हैं.

Operation Shield : नागरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने एवं इसका आकलन करने के लिए ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत ‘मॉक ड्रिल’ और ‘ब्लैक आउट’ आज होना है. पाकिस्तान से सटे राज्यों में होने वाली मॉक ड्रिल ने पड़ोसी देश में हलचल मचा दी है। भारत की इस तैयारी को लेकर पाकिस्तान के मीडिया चैनलों पर खलबली मची हुई है. वहां के वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सैन्य अधिकारी इस मॉक ड्रिल को भारत के संभावित बड़े एक्शन से जोड़कर देख रहे हैं. कुछ तो एटमी हमले तक की आशंका जताते नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान और मॉक ड्रिल की टाइमिंग ने पाकिस्तान को और बेचैन कर दिया है.

कहां होगा मॉकड्रिल?

पाकिस्तान से सटे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ में मॉक ड्रिल की तैयारी करीब पूरी हो चुकी है. मॉक ड्रिल की खबर से आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है और पाकिस्तान के न्यूज चैनलों पर लगातार बहस देखने को मिल रही है. चैनलों पर एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या भारत फिर से कोई बड़ा एक्शन लेने वाला है? ऐसा इसलिए क्योंकि पिछली बार भी मॉक ड्रिल से ठीक पहले पीओके में आतंकियों के ठिकानों को टारगेट किया गया था. ऐसे में पाकिस्तान में डर हर तरफ साफ नजर आ रहा है.

मॉकड्रिल को लेकर उच्च अधिकारियों की बैठक

राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने सायरन सिस्टम को दुरुस्त रखने व ‘प्रतिक्रिया’ समय को न्यूनतम करने को कहा. आधिकारिक बयान के अनुसार, पंत ने कहा कि अधिकारी सभी संचार माध्यमों एवं सायरन सिस्टम को दुरुस्त करने पर जोर दें. नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक जगजीत सिंह मोंगा ने मॉकड्रिल के दौरान वायुसेना, डॉक्टरी सुविधा, स्थानीय निकाय, गृह रक्षा, ऊर्जा, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका के बारे में अलर्ट रहने की बात की.

आज की रात पाकिस्तान के लिए बेचैनी भरी होगी, ऐसा इसलिए क्योंकि 6-7 मई की रात हुए आतंक के सफाए की यादें अब भी आतंकियों के जेहन में ताजा हैं. हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकी जिंदा हैं और फिर से मॉकड्रिल का ऐलान हो चुका है. बस कुछ ही घंटे बाकी हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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