Operation Dost: भूकंप प्रभावित तुर्की और सीरिया की मदद से लिए आगे आया भारत, 6 टन से अधिक राहत सामग्री सौंपी

भारत विनाशकारी भूकंप के मद्देनजर पहले ही तुर्किये को राहत सामग्री भेज चुका है। मंगलवार को चार सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य परिवहन विमानों के जरिये राहत सामग्री के तहत एक ‘चलित अस्पताल’ और तलाश एवं बचाव कार्य विशेषज्ञ दल को भेजा गया था.

भूकंप से प्रभावित सीरिया और तुर्की को भारत लगातार मदद पहुंचा रहा है. सेना के अधिकारी ने बताया, अब तक भारत ने सीरिया को छह टन से अधिक राहत सामग्री सौंपी जिसमें आवश्यक दवाएं, चिकित्सा उपकरण आदि शामिल हैं. राहत सामग्री की खेप मंगलवार रात को सैन्य परिवहन हवाई जहाज सी-130जे के जरिये भेजी गयी थी और आज सुबह भारत के प्रभारी अधिकारी या चार्ज द अफेयर्स एस के यादव ने इसे सीरियाई अधिकारियों को सौंप दिया.

तुर्की को भी मदद पहुंचा चुका है भारत

भारत विनाशकारी भूकंप के मद्देनजर पहले ही तुर्किये को राहत सामग्री भेज चुका है। मंगलवार को चार सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य परिवहन विमानों के जरिये राहत सामग्री के तहत एक ‘चलित अस्पताल’ और तलाश एवं बचाव कार्य विशेषज्ञ दल को भेजा गया था.

IAF के छह विमानों ने तुर्की और सीरिया को मदद पहुंचाने के लिए चौबीसों घंटे काम किया

भारतीय वायु सेना ने बताया, Operation Dost के तहत IAF तुर्की और सीरिया में राहत सामग्री, महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपकरण और कर्मियों का परिवहन कर रहा है. अब तक, छह विमानों ने चौबीसों घंटे इन जीवन रक्षक मिशनों को अंजाम दिया.

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भूकंप से हुई तबाही को लेकर राजदूत बासम अल खातिब से संवदेना व्यक्त की

वहीं, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने एक दिन पहले ही सीरियाई दूतावास का दौरा किया और भूकंप से हुई तबाही को लेकर राजदूत बासम अल खातिब से संवदेना व्यक्त की थी. उत्तर पश्चिम सीरिया में छह फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप के कारण जानमाल की भारी तबाही हुई है.

भूकंप प्रभावित देशों की मदद को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भूकंप के कारण हुए जानमाल के नुकसान के मद्देनजर वायु सेना के विशेष विमान से छह टन राहत सामग्री सीरिया भेजी गई है. इसमें कहा गया है कि यादव ने राहत सामग्री को दमिश्क हवाई अड्डे पर स्थानीय प्रशासन एवं पर्यावरण उप मंत्री मोउताज दुआजी को सौंपा. बयान के अनुसार, इस राहत सामग्री में जरूरी दवाएं, चिकित्सा उपकरण, ईसीजी मशीन, अन्य चिकित्या सामग्री आदि शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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