ओमान तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने जताया कड़ा विरोध

Oman coast attack: ओमान तट और होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है. घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी पक्ष के सामने विरोध दर्ज कराया है.

Oman coast attack: ओमान के तट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल जहाज MT Settebello पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है. इस घटना के बाद भारत सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिकी प्रशासन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- भारत ने इस घटना को लेकर अमेरिकी पक्ष के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स (CDA) को तलब कर इन हमलों पर गहरी चिंता जाहिर की है.

भारत ने जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में हाल के दिनों में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं और भारत ने साफ तौर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि जिन तीन जहाजों पर हमले हुए, वे सभी विदेशी झंडे वाले जहाज थे. इनमें से कोई भी भारतीय स्वामित्व वाला जहाज नहीं था, हालांकि उन पर भारतीय नाविक तैनात थे.

खाड़ी क्षेत्र में तैनात हैं हजारों भारतीय नाविक

पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने गुरुवार को बताया कि फिलहाल भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर कुल 562 भारतीय नाविक कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से 329 नाविक फारस की खाड़ी क्षेत्र में यानी होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में तैनात हैं, जबकि 233 नाविक ओमान की खाड़ी में, होर्मुज़ के पूर्वी हिस्से में मौजूद हैं. मुकेश मंगल के अनुसार, पूरे खाड़ी क्षेत्र में 18,000 से अधिक भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर काम कर रहे है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

ओवैसी ने की घटना की निंदा

ओमान की खाड़ी पर कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि तीन भारतीय नाविकों की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और हमलों से आम नागरिकों और समुद्री कर्मियों की जान खतरे में पड़ रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, व्यापार और समुद्री गतिविधियां प्रभावित होती हैं. ओ

समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा, करीब 20 फीसदी, इसी मार्ग से होकर गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव या जहाजों पर हमला न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित करता है. वहीं तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सरकार भी पूरी स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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