Old Pension Scheme: महाराष्ट्र में भी उठी पुरानी पेंशन योजना की मांग, सड़क पर उतरे कर्मचारी, उद्धव ने दिया साथ

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग करते हुए कहा, राज्य सरकार के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लिए हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. अगर सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करती है तो क्या गलत है?

Old Pension Scehme: महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए. इससे प्रशासन और कई सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है. इधर कर्मचारियों को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ मिल गया है.

उद्धव ठाकरे ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग करते हुए कहा, राज्य सरकार के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लिए हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. अगर सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करती है तो क्या गलत है? देश के कुछ राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है. कर्मचारियों को वह मिलना चाहिए जिसके वे हकदार हैं.

पैरामेडिक, सफाई कर्मी और शिक्षक गये हड़ताल में, पुरानी पेंशन योजना की हर रहे मांग

राज्य सरकार और नगर निकायों के अस्पतालों में कार्यरत पैरामेडिक, सफाई कर्मी और शिक्षक भी हड़ताल में शामिल हैं. शिक्षक ऐसे समय हड़ताल में शामिल हुए हैं जब राज्य में 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं हो रही हैं.

सरकार और कर्मचारी संघों के बीच वार्ता विफल

कर्मचारी सोमवार को सरकार और कर्मचारी संघों के बीच हुई वार्ता असफल होने के बाद हड़ताल पर गए. कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों के सामने केवल एक मिशन, बहाल करो पुरानी पेंशन जैसे नारे लगाए.

शिंदे ने ��रिष्ठ नौकरशाहों की एक समिति गठित करने की घोषणा की

अधिकारियों ने बताया कि एक दिन पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वरिष्ठ नौकरशाहों की एक समिति गठित करने की घोषणा की है जो राज्य सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन लागू करने की मांग पर विचार करेगी और समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट देगी. शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकारी कर्मचारियों से हड़ताल पर नहीं जाने की अपील की थी.

देश के पांच राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू

देश में जहां एक ओर ओल्ड पेंशन और न्यू पेंशन योजना को लेकर बहस जारी है, वहीं देश के पांच राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया है. जिसमें झारखंड, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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