एनटीए ने रविवार को यूजीसी-नेट परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियां पाए जाने के बाद दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया. इससे पहले नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई थी. उसके बाद एजेंसी ने यह निर्णय किया है.
प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक
एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में मंत्रालय ने कहा कि मंत्री को हालिया घटनाक्रम, विशेष रूप से पूरी व्यवस्था में सुधार के संबंध में एनटीए द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराया गया. उन्हें बताया गया कि एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है. मंत्रालय के अनुसार, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ), महाप्रबंधक (परीक्षा सुरक्षा) और महाप्रबंधक (अनुसंधान एवं विकास तथा साइकोमेट्रिक्स) सहित 10 नये पेशेवर पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र से भी विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है.
परीक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का निर्देश
मंत्री ने परीक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने गोपनीय संचालन (कॉनऑप्स) ढांचे, अलग-थलग कमरों, एयर-गैप्ड प्रणालियों और उपकरण जमा करने की प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव को युद्धस्तर पर लागू करने का भी निर्देश दिया. मंत्रालय ने कहा कि एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन तरीके से ऑडिट करने और सुधारात्मक कदमों पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. यह बैठक एनटीए द्वारा रविवार रात यूजीसी-नेट जून 2026 के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों -अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र- की दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा के बाद हुई. इन प्रश्नपत्रों में कई गलतियों की शिकायतें सामने आई थीं.
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