Noorjahan Mango: मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में उगाई जाने वाली दुर्लभ और बेहद खास नूरजहां आम की फसल की चर्चा हो रही है. आमों की मलिका के नाम से मशहूर इस प्रजाति के आम का विशाल आकार और ऊंची कीमत इसे और भी खास बनाता है. इस सीजन में अब तक का सबसे बड़ा नूरजहां आम 3.30 किलोग्राम वजन का दर्ज किया गया है, जिसे 3,800 रुपये में बेचा गया. आम उत्पादकों का दावा है कि मौसम अनुकूल रहा तो कुछ फलों का वजन जून के अंत तक 4 किलोग्राम तक पहुंच सकता है.
3.30 किलो का आम बना आकर्षण का केंद्र
इंदौर से करीब 250 किलोमीटर दूर कट्ठीवाड़ा क्षेत्र के आम उत्पादक भरतराज सिंह जादव ने बताया कि इस साल नूरजहां आम की पैदावार ठीक-ठाक रही है. उन्होंने कहा कि उनके बगीचे में इस सीजन का सबसे बड़ा नूरजहां आम 3.30 किलोग्राम वजन का रहा, जिसे 3,800 रुपये में बेचा गया. जादव के अनुसार, पेड़ों पर अभी भी कई बड़े फल लगे हुए हैं और उनका अंतिम वजन आम तोड़ने के बाद ही पता चल पाएगा.
कई राज्यों से बढ़ रही है मांग
नूरजहां आम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. उत्पादकों के मुताबिक इस समय मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से इसकी अच्छी मांग आ रही है. हाल ही में तमिलनाडु से भी इस दुर्लभ आम के बारे में पूछताछ की गई है. भरतराज सिंह जादव के मुताबिक इस सीजन में उनके बगीचे के नूरजहां आम संयुक्त अरब अमीरात (UAE), अमेरिका और स्पेन तक पहुंचे हैं. हालांकि इनका औपचारिक निर्यात नहीं किया गया, बल्कि लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों के माध्यम से इन्हें विदेश ले गए.
क्या है नूरजहां आम की खासियत?
- एक आम का वजन 3 से 4 किलोग्राम तक हो सकता है.
- यह मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में उगाया जाता है.
- स्वाद, आकार और दुर्लभता के कारण इसकी कीमत सामान्य आमों से कई गुना अधिक होती है.
- देश के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी मांग बढ़ रही है.
- जैविक तरीके से उगाए जाने के कारण इसकी गुणवत्ता विशेष मानी जाती है.
कुछ फलों का वजन 4 किलो तक पहुंचने की उम्मीद
कट्ठीवाड़ा के एक अन्य आम उत्पादक शिवराज जादव ने बताया कि उनके बगीचे में नूरजहां आम के छह पेड़ हैं. इन पेड़ों पर फिलहाल करीब 3 किलोग्राम वजन के कई फल लगे हुए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जून के अंत तक कुछ बड़े फलों का वजन 4 किलोग्राम तक पहुंच सकता है, जो इस सीजन का नया रिकॉर्ड भी बना सकता है. आम उत्पादकों के अनुसार नूरजहां आम के पेड़ों पर जनवरी महीने से बौर आना शुरू हो जाता है, जबकि इसके फल जून तक पूरी तरह पककर बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं.
पहले 4.50 किलो तक होता था वजन
उत्पादकों का कहना है कि कुछ दशक पहले नूरजहां आम का अधिकतम वजन 4.50 किलोग्राम तक पहुंच जाता था. हालांकि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण अब इसका सामान्य वजन 3.50 से 3.80 किलोग्राम के बीच रह गया है. फिर भी अपने विशाल आकार, सीमित उत्पादन और बेहतरीन स्वाद के कारण नूरजहां आम आज भी देश की सबसे दुर्लभ और महंगी किस्मों के आम में शामिल है.
