Noida International Airport : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (27 मार्च) को कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक होगा. इसके शुरू होने से Indira Gandhi International Airport (IGI) पर पड़ने वाला दबाव कम होगा. उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा पहुंचाएगा. इससे कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये बातें लिखी. उन्होंने लिखा कि शनिवार (28 मार्च) को उत्तर प्रदेश और NCR के लोगों के लिए बहुत अहम दिन है.
कम एनर्जी में बेहतर काम होगा
करीब 11,742.45 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें 87 एकड़ का मल्टी-मोडल कार्गो हब और 40 एकड़ का मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन (MRO) हब बनाया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, यह अपने तरह का सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट एयरपोर्ट भी होगा, यानी कम एनर्जी में बेहतर काम करेगा.
करीब 22.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी कैपेसिटी
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि Noida International Airport पूरा होने के बाद भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है. उन्होंने बताया कि इसकी एनुअल कैपेसिटी करीब 22.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी. साथ ही, यह NCR में कनेक्टिविटी बढ़ाने और इकोनॉमिक डेवलपमेंट को तेज करने में बड़ा रोल निभाएगा.
देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा ये एयरपोर्ट
एयरपोर्ट को दो स्टेज में डेवलप करने का प्लान है. पहले स्टेज में चार फेज होंगे, जहां शुरुआत में करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जाएगा. इसके बाद दूसरे स्टेज में विस्तार कर कुल क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों प्रति साल तक पहुंचाई जाएगी. इससे यह देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा.
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कार्गो सर्विस बेहतर करने पर होगा जोर
एयरपोर्ट में 87 एकड़ जमीन मल्टी-मोडल कार्गो हब के लिए रखी गई है. यहां एक साथ कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स जोन बनाए जाएंगे, जिससे माल की आवाजाही आसान होगी. करीब 30 एकड़ में घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और एक्सप्रेस कूरियर टर्मिनल भी बनाए जाएंगे. ऐसा इसलिए ताकि कार्गो सर्विस और बेहतर हो सकें.
