पिंक कलर के सूट में मंदिर पहुंचीं नीता अंबानी, अपने 62वें जन्मदिन पर भगवान को किया साष्टांग प्रणाम, Video

Nita Ambani Viral Video : नीता अंबानी ने मंदिर जाकर गणपति और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया. मंदिर में नीता अंबानी ने भगवान को साष्टांग प्रणाम किया. आरती की और उसके बाद मुकेश अंबानी को भी झुक कर प्रणाम किया.

Nita Ambani Viral Video : रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष नीता अंबानी अपने 62वें जन्मदिन पर अपने पति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी के साथ भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर पहुंची. नीता अंबानी के मंदिर जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है. नीता अंबानी के जन्मदिन पर उन्हें स्टाॅफ ने भी सरप्राइज दिया और उनके जन्मदिन पर उनका स्वागत फूल बिछाकर किया.

नीता अंबानी ने मंदिर जाकर गणपति और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया. मंदिर में नीता अंबानी ने भगवान को साष्टांग प्रणाम किया. आरती की और उसके बाद मुकेश अंबानी को भी झुक कर प्रणाम किया. नीता अंबानी के प्रणाम करने पर मुकेश अंबानी ने उन्हें गले से लगा लिया. नीता अंबानी ने मंदिर परिसर में गाय की सेवा भी की. नीता अंबानी ने पिंक कलर के सूट में अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया और काफी खुश नजर आईं.

नीता अंबानी का जन्म 1 नवंबर 1963 को मुंबई में एक मध्यमवर्गीय गुजराती परिवार में हुआ था. नीता अंबानी नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स और इकॉनामिक्स से काॅमर्स ग्रेजुएट हैं. उन्हें क्लासिकल डांस में बहुत रुचि थी और वे इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थी. शादी के बाद नीता अंबानी ने टीचर के रूप में काम किया और धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना की, जो आज देश के प्रसिद्ध स्कूलों में से एक है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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