कुछ दिन तो गुजारो कश्मीर में! नाइट लाइफ का लो मजा, बदल गया है नजारा

कश्मीर में हालात सामान्य होने से आम आदमी ने राहत की सांस ली है. यहां के लोग शांतिपूर्ण वातावरण में अपने काम में जुटे हुए नजर आ रहे हैं. जानें कैसे बदल गया है कश्मीर का नजारा

भारत का स्वर्ग…जी हां..यानी कश्मीर…यहां का माहौल इन दिनों बदला-बदला नजर आ रहा है. पिछले तीन दशकों से यहां से जैसी खबरें आतीं थीं वो लोगों के बीच डर का माहौल पैदा करती थी. कश्मीर में नाइटलाइफ की तो कोई सोच भी नहीं सकता था. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों और अलगाववादियों के डर से दुकानें, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान में जल्दी ताला लटका नजर आता था, यानी ये जल्दी बंद कर दिये जाते थे.

अब नजर डालते हैं पिछले तीन सालों के दौर पर…तो आपको बता दें कि इस दौरान कश्मीर में लोग नाइट लाइफ का आनंद लेने लगे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि आतंकवादी और पाकिस्तान के गुर्गे, जो घाटी में सक्रिय नजर आते थे, उनका खात्मा करने की प्रक्रिया चल रही है. यहां ऑपरेशन ऑल आउट ने माहौल शांत कर दिया है. कश्मीर में एक समानांतर सरकार चलाने की आतंकियों की मंशा को भारतीय जवानों ने करारा जवाब दिया है.

अनुच्छेद 370 निरस्त

5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था. इसके बाद कश्मीर के प्राचीन गौरव को बहाल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लिये गये साहसिक निर्णय ने इस क्षेत्र को पूरी तरह से भारत संघ के साथ एकीकृत कर दिया और शांति विरोधी तत्वों के आवाज पर लगाम लगा दिया.

आधी रात तक फ्लडलाइट स्टेडियमों में फुटबॉल और क्रिकेट

आज की तारीख में, श्रीनगर के पुराने शहर के अशांत इलाकों में देर रात तक गतिविधियां देखी जाती है. युवा आधी रात तक फ्लडलाइट स्टेडियमों में फुटबॉल और क्रिकेट खेलते नजर आ जाते हैं. सूर्यास्त के बाद जो डर देखा जाता था वो अब खत्म हो गया है. अब बंदूकें और ग्रेनेड ले जाने वाले आतंकवादी कहीं भी नजर नहीं आते हैं. सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस की मुस्तैदी की वजह से आतंकियों के हौसले पस्त हैं. अब ग्रेनेड हमले या क्रॉस-फायरिंग की खबर सुनने को नहीं मिलती है. यहीं नहीं यहां न कहीं बंद है और न ही पथराव की घटनाएं होती है.

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आम आदमी ने राहत की सांस ली

कश्मीर में हालात सामान्य होने से आम आदमी ने राहत की सांस ली है. यहां के लोग शांतिपूर्ण वातावरण में अपने काम में जुटे हुए नजर आ रहे हैं. नाइटलाइफ शुरू हो जाने की वजह से व्यापारिक प्रतिष्ठान देर रात तक खुले रहते हैं जिससे व्यवसायियों की बिक्री और लाभ मार्जिन में वृद्धि हुई है.

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Published by: Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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