टेरर फंडिंग को लेकर PFI पर शिकंजा, अबतक 106 गिरफ्तार, अजित डोभाल संग अमित शाह ने बुलाई बैठक

अमित शाह ने आतंकवाद के संदिग्धों और पीएफआई के कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशभर में की गयी कार्रवाई का जायजा लिया. गौरतलब है कि एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने गुरुवार को सुबह 11 राज्यों में एक साथ छापे मारे.

NIA Raids : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ गुरुवार को कार्रवाई की. न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि अबतक 106 PFI सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

बताया जा रहा है कि 11 राज्यों में एनआईए, ईडी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम कार्रवाई कर रही है. छापे में अब तक कुल 106 पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. ये गिरफ्तारी आंध्र प्रदेश (5), असम (9), दिल्ली (3), कर्नाटक (20), केरल (22), एमपी (4), महाराष्ट्र (20), पुडुचेरी (3), राजस्थान (2), तमिलनाडु (10) और यूपी (8) से हुई है.

अमित शाह ने ली बैठक

इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बैठक की है. बताया जा रहा है कि बैठक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े परिसरों में की जा रही छापेमारी तथा आतंकवाद के संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गयी. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, राष्ट्रीय अभिकरण एजेंसी के महानिदेशक दिनकर गुप्ता समेत शीर्ष अधिकारी इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए.

106 कार्यकर्ता गिरफ्तार

एक अधिकारी के मुताबिक, समझा जाता है कि शाह ने आतंकवाद के संदिग्धों और पीएफआई के कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशभर में की गयी कार्रवाई का जायजा लिया. गौरतलब है कि एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने गुरुवार को सुबह 11 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकवाद के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। एनआईए ने इसे ‘अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान’ करार दिया है.

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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने क्या कहा

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि मुझे लगता है PFI आतंकियों से संबंधित है. संगठन चलाने और मुस्लिम समुदाय को एक करने में हमारा विरोध नहीं है. लेकिन देश का नाम लेकर यहां आतंक फैलाने की कोशिश होती है तो उसपर एक्शन लेने की आवश्यक्ता होती है। NIA और ED के छापों का मैं स्वागत करता हूं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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