NIA Court Delhi राष्ट्रीय जांच अभिकरण (NIA) की अदालत ने सोमवार को देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के लिए चार आतंकियों को सजा सुनाई है. कोर्ट में इनमें से मोहम्मद शफी शाह और मुजफ्फर अहमद डार को 12 साल की कैद की सजा सुनाई है. साथ ही तालिब लाली और मुश्ताक अहमद लोन को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईए कोर्ट ने बताया कि ये सभी आतंकी भारत में हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करते हैं. बता दें कि पाकिस्तान पोषित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और हिजुबल मुजाहिद्दीन जम्मू और कश्मीर में नशे के कारोबार को फैला रहे हैं और अपने खतरनाक मंसूबों के लिए फंड जुटाने में लगे हुए हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हंदवाड़ा-नार्को टेररिज्म केस में पकड़े गए सात आरोपियों से पूछताछ के बाद यह पता चला है कि इन दोनों ही संगठनों के आतंकवादी जम्मू और कश्मीर में गहरी पैठ बना चुके हैं और इस केंद्र शासित प्रदेश में अशांति फैलाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं. बीते वर्ष 11 जून को हंदवाड़ा पुलिस थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इनके खिलाफ सपलिमेंट्री चार्जशीट दायर की है जिसमें कई अहम बातें कही गई हैं.
Also Read: राजस्थान: दंपति ने बच्चों को जंजीरों से उल्टा लटकाया, दर्द से 8 घंटे तक चीखते रहे, मां बोलीं…