IMD ने बताया है कि 19 सितंबर की शाम लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है, जिससे समुद्र में मौसम खराब हो सकते हैं. इसलिए 20 सितंबर की शाम तक मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी है. वहीं, ओडिशा में 22 से बारिश बढ़ने और 23-25 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
भुवनेश्वर में IMD की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि उत्तर अंडमान सागर के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है. IMD के मुताबिक यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और 21 सितंबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके बाद 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है.
20 सितंबर तक मछुआरों को लौटने की सलाह
मनोरमा मोहंती ने मछुआरों को 20 सितंबर की शाम तक समुद्र से वापस तट पर लौटने की सलाह दी है. IMD के अनुसार सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ समुद्री परिस्थितियां प्रभावित हो सकती हैं. ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने 22 सितंबर को भारी बारिश और 23 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
मौसम विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है. फिलहाल उपलब्ध पूर्वानुमान में इसे डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है. इसलिए अभी इसे चक्रवात कहना जल्दबाजी होगी.
ये भी पढ़ें: Weekly Weather: अगले सात दिन कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, जानें 19 से 25 सितंबर का मौसम
क्या है डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन
डिप्रेशन: लो प्रेशर सिस्टम और मजबूत हो जाता है और हवाएं तेज होकर एक संगठित सिस्टम बनाने लगती हैं. इसमें तेज बारिश और समुद्र में खराब मौसम हो सकता है.
डीप डिप्रेशन: डिप्रेशन से एक कदम ज्यादा मजबूत सिस्टम. इसमें हवाओं की रफ्तार और बारिश की क्षमता बढ़ जाती है और समुद्र ज्यादा खराब हो सकता है.
