Election Commissioner: कौन हैं ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू, एक का है धारा 370 से है कनेक्शन

Election Commissioner: सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार देश के नये चुनाव आयुक्त होंगे. निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्तों की दो रिक्तियों को भरने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने दोनों ब्यूरोक्रेट्स के नामों को अंतिम रूप दिया गया. आइये दोनों पूर्व ब्यूरोक्रेट्स के बारे में जानें.

Election Commissioner:कौन हैं ज्ञानेश कुमार

नये चुनाव आयुक्त के रूप में चुने गये ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हैं. वे सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद से रिटायर हुए हैं. मालूम हो जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के दौरान ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में तैनात थे. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया.

कौन हैं सुखबीर सिंह संधू?

नये चुनाव आयुक्त के रूप में चुने गए सुखबीर सिंह संधू 1988 बैच के उत्तराखण्ड कैडर के सेवानिवृत आईएएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 1963 में हुआ था. पिछले साल उत्तराखंड के मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा था, बाद उनके कार्यकाल को 6 महीने के लिए बढ़ाया गया. जनवरी 2024 में मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ. संधू को जुलाई 2021 में राज्य के मुख्य सचिव बनाया गया था. संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं. इसके अलावा संधू उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कर चुके हैं. संधू ने सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर से एमबीबीएस किया और अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर डिग्री भी ली है.

Election Commissioner: चुनाव समिति के पास रखे गये थे 6 नाम

समिति के सदस्य व लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बैठक समाप्त होने के बाद बताया था कि ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू नये चुनाव आयुक्त होंगे. अधीर रंजन ने बताया कि चयन समिति ने छह नाम प्रस्तुत किए थे. इनमें उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ज्ञानेश कुमार, इंदीवर पांडे, सुखबीर सिंह संधू और गंगाधर राहत के नाम शामिल थे.

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Published by: Arbindkumar mishra

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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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