New Coronavirus : भारत में अब तक 38 लोगों में पाया गया कोरोना का नया स्‍ट्रेन, लगातार बढ़ रहा है खतरा

New Coronavirus, New strain of corona,new strain of coronavirus symptoms भारत में कोरोना का संक्रमण लगातार कम होता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में पूरे देशभर में केवल 16 हजार कोरोना के नये मामले सामने आये. लेकिन इस बीच ब्रिटेन में फैले कोरोना के नये स्ट्रेन ने एक बार फिर से दहशत का माहौल बना दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक भारत में कोरोना के नये स्ट्रेन के कुल 38 मामले सामने आ चुके हैं.

भारत में कोरोना का संक्रमण लगातार कम होता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में पूरे देशभर में केवल 16 हजार कोरोना के नये मामले सामने आये. लेकिन इस बीच ब्रिटेन में फैले कोरोना के नये स्ट्रेन ने एक बार फिर से दहशत का माहौल बना दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब तक भारत में कोरोना के नये स्ट्रेन के कुल 38 मामले सामने आ चुके हैं.

कोरोना के नये स्ट्रेन के मामले गुजरात में चार आ चुके हैं, जबकि कर्नाटक में एक मामले सामने आये हैं. दिल्ली में भी नये स्ट्रेन के मामले सामने आये हैं. मालूम हो ब्रिटेन से भारत लौटे सभी यात्रियों की कड़ाई से जांच की जा रही है. सभी में कोरोना के नये स्ट्रेन की जांच की जा रही है.

मालूम हो कुछ दिनों पहले ही ब्रिटेन ने घोषणा की थी कि उसके यहां कोरोना के नये स्ट्रेन सामने आये हैं. ब्रिटेन की इस घोषणा के बाद भारत सहित कई देशों ने ब्रिटेन से अपना संपर्क तोड़ लिया. भारत ने भी मामले सामने आने के बाद से ब्रिटेन से हवाई सफर को रद्द कर दिया था. दूसरी ओर ब्रिटेन में कोरोना के नये स्ट्रेन ने एक बार फिर से आतंक मचा रखा है. नये स्ट्रेन के कारण ब्रिटेन में एक बार फिर से लोकडाउन लगा दिया गया है. स्कूल-कॉलेज को भी फिर से बंद कर दिया गया है. ब्रिटेन में फिर से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं.

भारत ने कोराना के नये प्रकार का सफलतापूर्वक ‘कल्चर’ किया

ब्रिटेन सहित पुरी दुनिय जहां कोरोना के नये स्ट्रेन से परेशान है, वहीं भारत ने इसमें बड़ी सपलता हासिल कर ली है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया कि ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये प्रकार (स्ट्रेन) का भारत ने सफलतापूर्वक ‘कल्चर’ किया है. ‘कल्चर’ एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत उगाया जाता है और आमतौर पर उनके प्राकृतिक वातावरण के बाहर ऐसा किया जाता है.

आईसीएमआर ने एक ट्वीट में दावा किया कि किसी भी देश ने ब्रिटेन में पाये गये सार्स-कोवी-2 के नये प्रकार को अब तक सफलतापूर्वक पृथक या ‘कल्चर’ नहीं किया है. गौरतलब है कि कोरोना का नया रूप काफी खतरनाक है और यह पुराने से 70 प्रतिशत तक अधिक संक्रामक है.

Posted By – Arbind kumar mishra

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