Nepal Flood: भारत-चीन वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर नेपाल की मदद में जुटे, भारत भेज रहा राहत सामग्री; IAF के विमान तैयार

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत, चीन और विश्व बैंक राहत कार्यों में जुट गए हैं. भारत ने राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर ली है और भारतीय वायुसेना के विमान स्टैंडबाय पर हैं. प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य तेज कर दिया गया है.

Nepal Flood : नेपाल में बाढ़ की खबर सामने आते ही भारत ने मदद की तैयारी शुरू कर दी. भारत सरकार ने नेपाल से उन राहत सामग्रियों की सूची मांगी है, जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत है. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत कार्य को लेकर समन्वय किया है. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार बाढ़ की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 95 पहुंच गई है.

तैयारी है कि भारत की ओर से राहत सामग्री बुधवार को ही काठमांडू पहुंचाई जाए. यानी मदद सिर्फ बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की ओर से मदद पहुंचाने का सिलसिला शुरू भी कर दिया गया है.

IAF के विमान राहत अभियान के लिए तैयार

भारत ने नेपाल में राहत अभियान के लिए अपनी वायुसेना के परिवहन विमानों को भी स्टैंडबाय पर रखा है. इनमें C-17, C-130J और C-295 विमान शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक, C-130J विमान बुधवार देर शाम राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए उड़ान भर सकता है.

यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. ऐसे में जरूरत का सामान तेजी से पहुंचाने में एयरलिफ्ट की बड़ी भूमिका हो सकती है.

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की. उन्होंने बाढ़ में हुई जान-माल की क्षति पर संवेदना जताई और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है.

पीएम मोदी ने भरोसा दिया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव के काम में लगातार संपर्क में हैं.

भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास भी एक्टिव

नेपाल में बाढ़ के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है. नेपाल टूरिज्म बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली है. इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 105 भारतीयों के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है.

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भारतीय दूतावास नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों के जल्द बचाव के लिए लगातार समन्वय कर रहा है. दूतावास ने प्रभावित भारतीयों के परिवारों और लोगों की मदद के लिए आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं.

चीन और वर्ल्ड बैंक भी मदद के लिए आगे आए

नेपाल को भारत के साथ चीन और वर्ल्ड बैंक से भी मदद मिल रही है. नेपाल के वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर डेविड सिसलेन ने वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले को बताया कि अलग-अलग स्रोतों से करीब 25 अरब नेपाली रुपये तक की आपात सहायता जुटाई जा सकती है.

वहीं चीन ने तत्काल नकद सहायता देने का फैसला किया है. चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने नेपाल सरकार से वित्त मंत्रालय के जरिए सहायता राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है.

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नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई. कई इलाकों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई. शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बचाव अभियान के दौरान 25 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है.

राहत और बचाव टीमों का फोकस प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने पर है. त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है. रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है. नेपाल में जारी इस संकट के बीच भारत की ओर से राहत सामग्री और बचाव सहायता पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी गई है.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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