NEET UG 2026 Paper Leak Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने रविवार (17 मई) को वनस्पति विज्ञान (Botany) विशेषज्ञ और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की पैनलिस्ट मनीषा मंधारे को नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है. कोर्ट ने आरोपी को 30 मई 2026 को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया है. अदालत में पेशी के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी थी कि इस गिरोह के कई अन्य सक्रिय सदस्य अभी तक पहचाने और गिरफ्तार नहीं किए गए हैं, और इसके लिए आरोपी से 14 दिनों की हिरासत में पूछताछ जरूरी है, जिसपर कोर्ट जारी हो गया.
पेपर लीक की साजिश में शामिल होने का आरोप
सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे ने आरोपी मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद विट्ठल राव कुलकर्णी समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री छात्रों तक पहुंचाने की साजिश रची. जांच एजेंसी का आरोप है कि इस काम में मोटी रकम की लेन देन की गई. जांच में यह भी सामने आया है कि मंधारे NTA के विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा थीं और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थीं. इसी दौरान उन्हें अंतिम प्रश्न सेट तक पहुंच मिली, जिसे कथित तौर पर बाद में लीक कर दिया गया.
मथुरा के होटल से हुई गिरफ्तारी
सीबीआई ने आरोपी मंधारे को मथुरा के एक होटल से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद जांच अधिकारी और डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने उन्हें अदालत में पेश किया. सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक और लोक अभियोजक दर्शन लाल ने अदालत में पक्ष रखा.
अदालत ने माना बड़ी साजिश का मामला
विशेष न्यायाधीश कोलेट रश्मी कुजूर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच के अनुसार यह एक बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा मामला लगता है. कोर्ट ने भी माना कि इस गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं और उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है. कोर्ट ने कहा- तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को चिकित्सा परीक्षण के अधीन 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है.
डिजिटल सबूत और पैसों के लेन-देन की जांच
सीबीआई ने अदालत को बताया कि अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी को देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाकर पूछताछ करनी होगी. जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है. सीबीआई के अनुसार, परीक्षा लीक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है.
बचाव पक्ष ने हिरासत का किया विरोध
मनीषा मंधारे की ओर से अधिवक्ता करण मान, आकाश चौहान और निखिल सरोहा अदालत में पेश हुए. बचाव पक्ष ने सीबीआई की 14 दिन की हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी 57 वर्ष की हैं, पेशे से लेक्चरर हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं. वकीलों ने तर्क दिया कि आरोपी पहले ही दो बार जांच में शामिल हो चुकी हैं और उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि यदि केवल पुणे ले जाना है तो इतनी लंबी हिरासत की आवश्यकता नहीं है.
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
बचाव पक्ष ने मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के लिए भी अदालत में आवेदन दायर किया. अदालत ने इस आवेदन पर सीबीआई से जवाब मांगा है.
जारी है सीबीआई की जांच
नीट पेपर लीक मामले में अब तक इस दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी. लेकिन, प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी. साथ ही, सीबीआई मामले की जांच कर रही है. अब जांच एजेंसी इस संगठित रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है.
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