राज्यसभा में बहस के दौरान विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे के बीच खरगे ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 100 से अधिक छात्र घायल हुए हैं. कई छात्रों की आंखों में छर्रे लगे हैं और कई के हाथ-पैर टूट गए हैं. खरगे ने संसद में सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा?
- सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन थे?
- RAF और CRPF को छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया?
- इस पूरी घटना का असली मास्टरमाइंड कौन है?
"गृह मंत्री अमित शाह बंद कमरे में बैठकर ये सब देख रहे हैं, लेकिन वे ज्यादा देर छिप नहीं सकते. अगर वे इन सवालों का जवाब नहीं दे सकते और नैतिकता के आधार पर जिम्मेदारी नहीं लेते, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. वरना प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटाना चाहिए." - मल्लिकार्जुन खरगे
NTA की कार्यप्रणाली और NTA सुधारों पर उठाए सवाल
'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026' पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ कानूनों में जुर्माना और सजा बढ़ाने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे. जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाओं के भीतर व्यापक बदलाव नहीं किए जाएंगे, तब तक हर कुछ दिनों में पेपर लीक होते रहेंगे और संसद में बहस चलती रहेगी.
पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 बार पेपर लीक हुए : खरगे
खरगे ने कहा कि 2015 से लेकर 2026 तक NEET लगातार विवादों और अनियमितताओं से घिरा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन आज तक किसी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली. उन्होंने NEET 2024 के आरोपी संजीव मुखिया को क्लीन चिट मिलने और हालिया NEET 2026 मामले में CBI के वकील के कोर्ट में पेश न होने का भी मुद्दा उठाया.
22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया : खरगे
NEET UG-2026 का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. जांच से पता चला है कि परीक्षा से 15 दिन पहले ही पर्चा बाजार में घूम रहा था. खरगे ने पूछा कि जब एक संगठित नेटवर्क खुलेआम पेपर बेच रहा था, तब सरकार की इंटेलिजेंस एजेंसियां क्या कर रही थीं?
खरगे ने संसद के पटल से रखी ये मांग
- वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: यूपीएससी की तर्ज पर सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक सख्त और समयबद्ध 'एनुअल कैलेंडर' लागू किया जाए.
- 20 जुलाई की घटना पर जवाब: सरकार 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कार्रवाई का पूरा सच संसद के सामने रखे.
खरगे ने कहा, 2024 में ही कांग्रेस ने कड़े कानून लाने की मांग की थी
खरगे ने कहा कि सरकार जो कड़े कानून आज बना रही है, उसकी मांग विपक्ष ने 2024 में ही की थी, लेकिन सरकार ने दो साल का समय व्यर्थ गंवाकर लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया.
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