NDA सरकार में CBI के घेरे में आए 95% नेता, UPA के राज में 60% पर कसा था शिकंजा

एनडीए के सत्ता मेें आने के बाद से विपक्षी दलों पर कार्रवाई काफी तेज हो गई है, वहीं, साल 2014 से पहले यूपीए की सरकार के दौरान 10 वर्षों में करीब 72 नेताओं पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसा था.

कांग्रेस और भाजपा समेत तमाम राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर एजेंसियों का गलत ढंग से इस्तेमाल करने का आरोप लगाती रहती हैं. मगर हम बीते 18 सालों के आंकड़े को देखें, तो यूपीए और एनडीए के सत्ता में रहते हुए 200 विपक्ष के नेताओं पर मामला दर्ज किया गया है. इनमें करीब 80 प्रतिशत नेता विपक्षी दलों के हैं.

2014 के बाद विपक्ष पर कार्रवाई तेज

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताय है कि ऑफ कोर्ट रिकॉर्ड्स और केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट की माने तो साल 2014 में एनडीए के सत्ता मेें आने के बाद से विपक्षी दलों पर कार्रवाई काफी तेज हो गई है, वहीं, साल 2014 से पहले यूपीए की सरकार के दौरान 10 वर्षों में करीब 72 नेताओं पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसा था. इनमेंं 43 नेता विपक्षी दलों के थे.

जानें एनडीए और यूपीए के आंकड़े

वहीं, इन 8 सालों में (2014 से 2022) तक एनडीए के सत्ता में रहते हुए करीब 124 नेताओं को सीबीआई जांच का सामना करना पड़ा है. इनमें से 118 नेता यानी करीब 95 प्रतिशत नेता विपक्षी दलों के हैं. मीडिया रिपोर्ट की माने, तो इन 8 वर्षों में 12 पूर्व मुख्यमंत्री, 10 मंत्री, 34 सांसद, 27 विधायक के अलावा 10 पूर्व विधायक और 6 पूर्व सांसदों को सीबीआई जांच का सामना करना पड़ा है. इससे पहले यूपीए के कार्यकाल के दौरान 4 पूर्व मुख्यमंत्री, 3 मंत्री, 13 सांसद, 15 विधायक, 1 पूर्व विधायक और 3 पूर्व सांसद जांच के घेरे में थे.

Also Read: Mathura Tensions: मथुरा में धारा-144 लागू, सीआरपीएफ DG की रिपोर्ट के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी
नेताओं द्वारा पार्टी बदलने के सवाल पर दिया ये जवाब

हम यह भी देखते हैं कि सीबीआई के निशाने पर आए नेता कार्रवाई के डर से पार्टी बदल लेते हैं. इसके बाद उनपर कार्रवाई नहीं होती. इन सवालों के जवाब पर सीबीआई के किसी तरह का कोई जवाब नहीें दिया. हालांकि जांच एजेंसी का मानना है कि यह मजह एक संयोग है और कुछ नहीं. वहीं सीबीआई ने इस बात से भी इनकार किया है कि केवल और केवल विपक्षी दलों को ही निशाना बताया जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Piyush Pandey

Senior Journalist, tech enthusiast, having over 10 years of rich experience in print and digital journalism with a good eye for writing across various domains.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >