India-China Standoff: चीन के साथ पूर्वी लद्दाख सीमा पर पिछले सात महीनों से तनाव जारी है. वहीं चीन और पाकिस्तान के दोस्ती भी भारत के लिए चिंता की सबब बन रहा है. दोनों पड़ोसी मुल्क अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसे में भारतीय सेना देश की सीमा पर उभरी चुनौती का सामना और दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दे रही है. इसी बीच नौसेना दिवस के मौके पर नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना सभी तरह की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.
चीन से निपटने हम पूरे तरह से सझम – नेवी चीफ
नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि देश के सामने कोविड-19 और चीन की दो चुनौतियां हैं और नौसेना दोनों का मुकाबला करने तैयार है. उन्होंने कहा कि एक तरह चीन लगातार एलएसी को बदलने की कोशिश कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कोविड-19 से निपटना भी बड़ी चुनौती है. फिलहाल, चीन के तीन वॉरशिप इंडियन ओशियन क्षेत्र में मौजूद हैं. ये 2008 से ही एंटी-पाइरेसी अभियान के तहत पेट्रोलिंग कर रहे हैं.
41 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण भारत में होगा
एडमिरल कर्मबीर सिंह ने कहा कि नौसेना को मजबूत करने के लिए स्मेश-2000 राइफल और एंटी ड्रोन उपकरण खरीदे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नौसेना को मजबूत करने के लिए एयरक्राफ्ट कैरियर काफी जरूरी है. उन्होंने कहा कि भविष्य में नौसेना के लिए बनाए जाने वाले 43 युद्धपोतों और पनडुब्बियों में से 41 को भारत में स्वदेशी विमान वाहक सहित बनाया जाना है.
नौसेना प्रमुख ने कहा कि लीज पर लिए गए 2 प्रीडेटर ड्रोन हमारी निगरानी में क्षमता अंतर को पूरा करने में हमारी मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय नेवी ने नवंबर में जहाजों पर चार महिला अधिकारियों को नियुक्त किया है, और दो महिला अधिकारियों को मालदीव और रूस में विदेशी बेलेट में नियुक्त किया गया है.
