कर्नाटक की तरह मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस को मिलेगा 'महाकाल' का आशीर्वाद! जानें क्या बोले डीके शिवकुमार

महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद डी. के. शिवकुमार ने कहा कि महाकालेश्वर के आशीर्वाद से सरकार के रूप में कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला है. मैं यहां चुनाव से पहले भी आया था. जानें मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा को लेकर कांग्रेस नेता ने क्या कहा

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने उज्जैन महाकाल मंदिर में दर्शन किये. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर बात की. दो दिवसीय यात्रा पर एमपी पहुंचे शिवकुमार ने कहा कि देखिए, हम भावनात्मक मुद्दों पर चर्चा न करें. हम केवल विकास के मुद्दों पर चर्चा करें. भावनात्मक मुद्दों का कोई मूल्य नहीं है. उन्होंने मध्यप्रदेश में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों पर कहा कि मध्यप्रदेश के लोगों ने सत्ता में बदलाव का निर्णय करते हुए पूर्ण और स्पष्ट बहुमत की सरकार चुनने का मन बना लिया है. शिव कुमार ने मध्यप्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता ने ‘डबल इंजन की सरकार’ एवं ‘ऑपरेशन लोटस से बनी’ सरकार देख ली है और यह सरकार नाकाम रही है.

महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद डी. के. शिवकुमार ने कहा कि महाकालेश्वर के आशीर्वाद से सरकार के रूप में कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला है. मैं यहां चुनाव से पहले भी आया था. आज हम एक शानदार कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, कर्नाटक की सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बसें दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता से किये सभी 5 वादों को हम लागू करने जा रहे हैं.

इससे पहले कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि सूबे की कांग्रेस सरकार ‘‘ध्रुवीकरण वाले मसलों’’ में नहीं पड़ना चाहती और वह यह अध्याय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए छोड़ती है. मध्यप्रदेश की दो दिवसीय यात्रा पर आए शिव कुमार ने इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर हवाई अड्डे पर मीडिया से बात की और कहा कि हम भावनात्मक मुद्दों पर चर्चा न करें. हम केवल विकास के मुद्दों पर चर्चा करें. भावनात्मक मुद्दों का कोई मूल्य नहीं है. इससे पहले शिवकुमार ने मध्यप्रदेश के दतिया जिले में स्थित प्रसिद्ध पीताम्बरा पीठ में पूजा अर्चना की.

हम ध्रुवीकरण वाले मसलों में नहीं पड़ना चाहते

कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री से इंदौर हवाई अड्डे पर जब पूछा गया कि क्या राज्य की कांग्रेस सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार से जुड़े अध्यायों को स्कूली पाठ्यक्रम से हटाने जा रही है? शिव कुमार ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है. हम ध्रुवीकरण वाले मसलों में नहीं पड़ना चाहते. हम यह अध्याय भाजपा के लिए छोड़ते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या कर्नाटक में पिछली भाजपा सरकार द्वारा संघ या उससे जुड़े संगठनों को कथित रूप से सौंपी गई जमीन को वापस लेने पर विचार किया जा रहा है, तो उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी विषय राज्य में संबंधित विभाग के मंत्री द्वारा देखे जाते हैं.

कर्नाटक में शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण

यहां चर्चा कर दें कि कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह ‘जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले’’ बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठनों के खिलाफ ‘‘कड़ी और निर्णायक कार्रवाई’’ करने को प्रतिबद्ध है. घोषणापत्र में कहा गया था कि इस कार्रवाई में ऐसे संगठनों के खिलाफ ‘‘प्रतिबंध’’ भी शामिल होगा.

यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य की कांग्रेस सरकार की इस वादे को अमली जामा पहनाते हुए बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना है, शिव कुमार ने सीधा जवाब टालते हुए कहा कि कर्नाटक एक प्रगतिशील राज्य है और राज्य सरकार के लिए सूबे में शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण है. उन्होंने हालांकि कहा कि अगर किसी भी संगठन ने सूबे में अशांति पैदा करने की कोशिश की, तो उचित कदम उठाए जाएंगे.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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