National Highway : इस सड़क पर हलचल से खड़े हो जाते हैं पाकिस्तान के कान

National Highway : राष्ट्रीय राजमार्ग 44 देश के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है, जिनमें श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, दिल्ली, आगरा, नागपुर, हैदराबाद, बंगलुरु, मदुरई और कन्याकुमारी शामिल हैं. इसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से होती है और यह भारत को उत्तर से दक्षिण तक जोड़ता है.

National Highway : भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अभी भी नजर आ रहा है. पिछले दिनों पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर लगातार फायरिंग की गई जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया. इस बीच नेशनल हाईवे (National Highway 44)  चर्चा में है, जो श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) तक फैला है. इसकी लंबाई लगभग 3,745 किलोमीटर है. यह देश के 11 राज्यों से होकर गुजरता है. इन राज्यों के नाम हैं– जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु. यह मार्ग उत्तर से दक्षिण को जोड़ने वाली देश की प्रमुख सड़क है. इस वजह से बहुत ही खास है.

पाकिस्तान से केवल 6 किमी दूर है NH 44

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 ( NH 44)सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह पाकिस्तान सीमा के नजदीक कई इलाकों से गुजरता है. यह हाइवे पठानकोट से होते हुए उधमपुर, अनंतनाग, श्रीनगर और उरी तक जाता है. पंजाब से जम्मू-कश्मीर तक यह मार्ग पाकिस्तान की सीमा के बेहद करीब है. कुछ स्थानों पर महज छह किलोमीटर दूरी पाक से इस सड़क की है.  इसी कारण इस मार्ग पर गतिविधियों पर पाकिस्तान की नजर रहती है. पठानकोट-जम्मू हाइवे पर भारतीय सेना की कड़ी निगरानी रहती है और हर मौसम में 24 घंटे चौकसी की जाती है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.

क्यों खास है राष्ट्रीय राजमार्ग 44 ?

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 देश के 21 प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ता है. यह भारत का सबसे लंबा हाइवे है और इससे गुजरते हुए देश की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव आपको होगा. बर्फ से ढके पहाड़, घास के मैदान, सुंदर झीलें और मनोरम दृश्य इस मार्ग में लोगों को लुभाती है. एनएच-44 का सबसे लंबा हिस्सा तमिलनाडु (627 किमी) में है. वहीं मध्य प्रदेश और तेलंगाना में इसका 504-504 किमी, जम्मू-कश्मीर में 304 किमी, आंध्र प्रदेश में 250 किमी, महाराष्ट्र में 232 किमी, उत्तर प्रदेश में 189 किमी, हरियाणा में 184 किमी, कर्नाटक में 150 किमी और पंजाब में 278 किमी हिस्सा इस सड़क का है. यह राजमार्ग उत्तर से दक्षिण तक देश को एक सूत्र में बांधता है और रणनीतिक व सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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