Namo Bharat Rapid Rail : ‘नमो भारत रैपिड रेल’ 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी पटरी पर, पीएम मोदी ने ट्रेन को किया रवाना

Namo Bharat Rapid Rail: वंदे भारत मेट्रो का नाम बदल दिया गया है. अब इसे ‘नमो भारत रैपिड रेल’ के नाम से जाना जाएगा. रेलवे की ओर से इसकी जानकारी दी गई है.

Namo Bharat Rapid Rail: वंदे भारत मेट्रो का नाम बदल दिया गया है. ट्रेन की शुरुआत से पहले भारतीय रेलवे ने ‘वंदे मेट्रो’ सेवा का नाम बदलकर ‘नमो भारत रैपिड रेल’ करने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इस ट्रेन में खुद प्रधानमंत्री यात्रा करते भी नजर आए. इस दौरान उन्होंने यात्रियों से बात की. इस ट्रेन की पहली यात्रा भुज से शुरू होकर अहमदाबाद पहुंचेगी, जो 359 किलोमीटर की दूरी मात्र 5 घंटे 45 मिनट में तय करेगी. यात्रियों के लिए इस ट्रेन की नियमित सेवा 17 सितंबर को शुरू होगी, जिसमें पूरी यात्रा के लिए टिकट की कीमत 455 रुपये होगी. इससे यात्रियों के लिए यात्रा किफायती हो जाएगी.

‘नमो भारत रैपिड रेल’ ट्रेन अधिकतम 110 किमी प्रति घंटे की गति से चलेगी. यह कई स्टेशनों- अंजार, गांधीधाम, भचाऊ, सामाखियाली, हलवद, ध्रांगधरा, वीरमगाम, चंदलोदिया, साबरमती और कालूपुर (अहमदाबाद स्टेशन) पर ठहरेगी. यहां से यात्रियों को उठाने के बाद यह अपने गंतव्य के लिए आगे बढ़ेगी. शहरी स्टेशनों के बीच चलने वाली पारंपरिक मेट्रो के विपरीत, नमो भारत रैपिड रेल अंतर-शहरी गंतव्यों को कवर करेगी. शहरी केंद्रों को आस-पास के क्षेत्रों से जुड़ाव करने में यह मददगार साबित होगी.

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1,150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है ट्रेन में

इस ट्रेन में 2,058 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकेंगे, जबकि 1,150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. इस ट्रेन में बैठने के लिए गद्देदार सोफे लगे हैं और इसमें एसी कोच हैं. कई लोग दावा कर रहे हैं कि यह वंदे भारत एक्सप्रेस जैसा दिखता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इसमें उपनगरीय मेट्रो ट्रेनों से ज्यादा सुविधा है. इसमें दोनों छोर पर ऑटोमेटिक डोर हैं. यह अनारक्षित भी होगा, जिससे यात्री इसके प्रस्थान से ठीक पहले यात्रा टिकट खरीद सकेंगे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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