Nagaland Governor Demise: नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन का आज यानी शुक्रवार (15 अगस्त) को निधन हो गया है. उन्होंने चेन्नई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह 80 साल के थे. राजभवन के एक अधिकारी उनके निधन की जानकारी दी. राजभवन की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक गणेशन बीते कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. मीडिया रिपोर्ट अनुसार उनके सिर में चोट लग गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई. उन्हें आईसीयू में रखा गया था. चेन्नई के अपोलो अस्पताल के चिकित्सा सेवाओं के निदेशक डॉ. अनिल बी.जी. ने बताया कि “उन्हें 8 अगस्त 2025 को गंभीर अंतःमस्तिष्कीय रक्तस्राव और कोमा की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सभी आवश्यक उपचार प्रदान किए गए, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उनका निधन हो गया. इस कठिन समय में हमारी हार्दिक संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार के साथ हैं”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जाहिर किया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक ट्वीट में लिखा कि ‘नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन जी के निधन से दुखी हूं. उन्होंने राज्यसभा सदस्य और मणिपुर व पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया. अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जन कल्याण के लिए कार्य किया. तमिलनाडु और देश के विकास में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा. मैं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.
पीएम मोदी ने जताया दुख
नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है. सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी ने एक पोस्ट कर उनके निधन पर शोक जताया है. पीएम मोदी ने लिखा “नागालैंड के राज्यपाल गणेशन जी के निधन से दुःख हुआ. उन्हें एक समर्पित राष्ट्रवादी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा का विस्तार करने के लिए कड़ी मेहनत की. वह तमिल संस्कृति के प्रति भी गहरे भावुक थे. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति.”
नागालैंड के 19वें राज्यपाल थे गणेशन
ला गणेशन को साल 2023 में नागालैंड का 19वां राज्यपाल बनाया गया था. इससे पहले वो मणिपुर और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) की भूमिका भी निभा चुके हैं. उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर है. उनके समर्थकों में गहरी निराशा है.
