Murshidabad Violence: 'बंगाल के भीतर ही तो कर रहे पलायन,' मुर्शिदाबाद के पीड़ितों पर ममता के मंत्री का चौंकाने वाला बयान

Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. दुकानें फिर से खुल रही हैं. इधर दंगा पीड़ितों के पलायन के दावे पर ममता बनर्जी के मंत्री फिरहाद हकीम ने चौंकाने वाला बयान दे दिया है. जब उनके दंगा पीड़ितों के मुर्शिदाबाद छोड़कर मालदा पलायन करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा- सब ठीक है, वे बंगाल के भीतर ही पलायन कर रहे हैं.

Murshidabad Violence victims migration

Murshidabad Violence: मुर्शिदाबाद पलायन पर टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, “वे बंगाल से बंगाल में ही जा रहे हैं. बंगाल के भीतर शांति है, इसलिए वो एक जगह से दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं. सब कुछ ठीक है. स्थिति बनी, ऐसा हुआ. हालांकि यह निंदनीय है और पुलिस पता लगाएगी कि इसके पीछे कौन था.”

हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में स्थिति सामान्य हो रही है: पुलिस

हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में स्थिति सामान्य हो रही है. इसको लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने कहा, “दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं और लोग वापस लौट रहे हैं. अब तक 19 परिवार अपने घर लौट चुके हैं. मालदा और मुर्शिदाबाद, दोनों जिला प्रशासन जिलों से चले गए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.” उन्होंने शांति के लिए अफवाहों के प्रसार को रोकने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “अब तक 210 गिरफ्तारियां की गई हैं. मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जानकारी की पुष्टि करें. अगर हमें शांति बनाए रखनी है तो अफवाहों पर रोक लगानी होगी.”

मुर्शिदाबाद में स्थिति सामान्य करने में जुटी पुलिस

सुबह पुलिस को सार्वजनिक घोषणाएं करते हुए देखा गया, जिसमें दुकानदारों से व्यवसाय फिर से शुरू करने का आग्रह किया गया और निवासियों को सामान्य जीवन में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया गया. पुलिस अधिकारी शमीम ने कहा, “पुलिस की पहली प्राथमिकता मुर्शिदाबाद में पूरी तरह से सामान्य स्थिति बहाल करना है और हमें विश्वास है कि यह जल्द ही हासिल हो जाएगा.”

मुर्शिदाबाद में ऐसे भड़की हिंसा, पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत

मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियां, शमशेरगंज और जंगीपुर इलाकों में शुक्रवार 11 अप्रैल को वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी थी. हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. जिसमें एक पिता और पुत्र की नृशंस हत्या कर दी गई थी. पुलिस अधिकार ने बताया, एक अलग मामला दर्ज किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों – दोषियों और तमाशबीनों – को जवाबदेह ठहराया जाएगा.उन्होंने कहा, ‘‘उनकी सटीक पहचान करने में समय लगेगा, लेकिन किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.’’

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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