Age of Marriage for women : लड़कियों की शादी की उम्र अगर 21 वर्ष कर दी जाये तो वे दुष्ट हो जायेंगी. ये कहना बिलकुल ही बेतुका बयान है. इस तरह के बयान मुझे चौंकाते हैं. मैं उनसे यह जानना चाहता हूं कि आखिर लड़कियां दुष्ट क्यों हो जायेंगी? क्या आप उनपर भरोसा नहीं करते हैं? यह कहना है देश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का.
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह का बयान देने वाले लोग तालिबानी विचारधारा के हैं वे हिंदुस्तानी विचाराधारा के हो नहीं सकते. नकवी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं भारतीय महिलाओं को संविधान से जो समानता का अधिकार मिला है, उसपर किसी भी तरह के तालिबानी सोच को हावी होने नहीं दिया जायेगा.
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ये वहीं लोग हैं जिन्होंने ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाये गये कानूनों का विरोध किया. जिन्होंने महिलाओं के हज करने पर भी कई तरह की शर्ते लगायीं और अब महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाये जाने पर अड़गा लगा रहे हैं.
गौरतलब है कि सरकार जल्दी ही महिलाओं की शादी की उम्र 18 से 21 करने जा रही है. सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी भी सामने आयी है कि कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी भी दे दी है और इससे संबंधित विधेयक को सरकार संसद के मानसून सत्र में ही प्रस्तु करेंगी.
गौरतलब है कि समता पार्टी की नेता रहीं जया जेटली के नेतृत्व में सरकार ने एक टास्कफोर्स का गठन किया था. जिसने समानता के अधिकार को प्रधानता देते हुए ये सिफारिश की है कि लड़कियों को जीवन में अपना लक्ष्य तय करने और पूरा करने के लिए लड़कों के समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए, इसलिए उनकी शादी की उम्र भी 21 साल होनी चाहिए.
सरकार ने इस टास्कफोर्स के सिफारिशों को गंभीरता से लेते हुए लड़कियों की शादी की उम्र में बदलाव करने का फैसला किया है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बात की घोषणा की है कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाई जायेगी, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व होने के बाद ही शादी करें और उन्हें अपना जीवन का लक्ष्य तय करने में भी आसानी हो.
