MPSC Paper Leak: प्यार, ब्रेकअप और बदले ने खोला पेपर लीक का राज, प्रेमी ने किया प्रेमिका का भंडाफोड़

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की FDA ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है. इस मामले में आयोग के अधिकारियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. घोटाला एक टूटे रिश्ते से सामने आया, जिससे परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया.

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक हो गया है. इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों में आयोग के तीन अधिकारी, एक कोचिंग संचालक, एक अभ्यर्थी के पिता, उनका प्रेमी और चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं. मामला उजागर होने के बाद आयोग ने इस भर्ती परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है.

टूटे रिश्ते से खुला घोटाले का राज़

पुलिस के अनुसार, यह मामला गौरव पाटिल नाम के एक युवक के टूटे रिश्ते से सामने आया. गौरव ने अपनी तत्कालीन प्रेमिका ऋतुजा पाटिल को परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र दिलवाया था. ऋतुजा ने इस प्रश्नपत्र की मदद से राज्यभर में सातवीं रैंक हासिल की. बाद में, गौरव को डर था कि अधिकारी बनने के बाद ऋतुजा उससे रिश्ता तोड़ लेगी. इसी आशंका में उसने आयोग को पेपर लीक की जानकारी देते हुए एक गोपनीय ईमेल भेजा. पुलिस का कहना है कि 22 मार्च 2026 को हुई इस परीक्षा में मालेगांव की एक फार्मा कंपनी में काम करने वाले गौरव पाटील ने अपनी तत्कालीन प्रेमिका ऋतुजा पाटील को परीक्षा से पहले ही लीक हुआ प्रश्नपत्र दिलवाया था, जिसके दम पर ऋतुजा ने राज्यभर में 7वीं रैंक हासिल कर मेरिट सूची में जगह बनाई. बाद में, गिरफ्तारी के डर से उसने 26 जुलाई को एक और ईमेल भेजकर अपने पहले के दावे को महज मजाक बताने की कोशिश की, लेकिन तब तक आयोग जांच शुरू कर चुका था. जांच में खुद गौरव की भूमिका भी सामने आने के बाद उसे भी आरोपी बनाया गया.

पार्किंग से कोचिंग सेंटर तक, कैसे पहुंचा पेपर?

क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, आयोग के सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते ने गोपनीय प्रश्न-बैंक से 294 प्रश्नों का एक अलग सेट तैयार कर उसका प्रिंटआउट लिया और आयोग कार्यालय की पार्किंग में उसे अवर सचिव अभिजीत लेंडवे को सौंप दिया. लेंडवे ने यह सेट एक अन्य अधिकारी गोपाल मराठे को दिया, जिनका संपर्क नंदुरबार में कौटिल्य अकादमी नामक कोचिंग सेंटर चलाने वाले प्रवीण पाटील से था. जांच में सामने आया है कि प्रवीण पाटील ने यह प्रश्नपत्र करीब 5 लाख रुपये में ऋतुजा के पिता अमृत पाटील को बेचा, जिन्होंने इसे अपनी बेटी तक पहुंचाया, और ऋतुजा ने वॉट्सऐप के जरिए यह पेपर अपने प्रेमी गौरव के साथ भी साझा किया.

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सात गिरफ्तार, जांच अब भी जारी

अब तक गिरफ्तार लोगों में आयोग के तीनों अधिकारी (नकाते, लेंडवे, मराठे), कोचिंग संचालक प्रवीण पाटील, ऋतुजा के पिता अमृत पाटील, गौरव पाटील और खुद ऋतुजा पाटील शामिल हैं. ऋतुजा को हाल ही में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां वे भावुक हो गईं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुआ यह प्रश्नपत्र केवल ऋतुजा तक ही सीमित था या इसे अन्य अभ्यर्थियों तक भी पहुंचाया गया था. मामले में भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ महाराष्ट्र प्रतिस्पर्धी परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. गौरतलब है कि ये पुलिस के आरोप हैं, जिनकी पुष्टि अदालत में अभी होनी बाकी है.

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By सत्येन्द्र गिरि

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पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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