MP Weather : मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. IMD के 8 सितंबर के ताजा अपडेट में 9, 10 और 11 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी MP में गरज-चमक और बिजली की चेतावनी है. इसके बाद 12 सितंबर को दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है. यानी अगले चार दिन मौसम को हल्के में लेना ठीक नहीं होगा.
9 सितंबर: बादल और गरज-चमक
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं. कुछ जगह बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली की स्थिति बन सकती है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, इंदौर, देवास, उज्जैन, जबलपुर और आसपास के जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है.
10 सितंबर: बारिश का दौर रहेगा जारी
गुरुवार को भी मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में गरज-चमक का असर रहने की संभावना है. स्थानीय स्तर पर बारिश के दौर हो सकते हैं. किसानों और सड़क से सफर करने वालों के लिए जरूरी है कि वे निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट देख लें.
11 सितंबर: तीसरे दिन भी राहत नहीं
शुक्रवार को भी पश्चिमी और पूर्वी MP में गरज और चमक की चेतावनी बनी हुई है. यानी बारिश कम होने पर भी बिजली और तेज मौसम का खतरा खत्म नहीं होगा. खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी रखनी चाहिए.
12 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का जोर
शनिवार का दिन सबसे अहम रहने वाला है. IMD ने पश्चिमी और पूर्वी दोनों मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसका असर जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, रीवा, सतना, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और आसपास के जिलों में मौसम की स्थिति के अनुसार देखने को मिल सकता है.
भोपाल-इंदौर से जबलपुर तक क्या होगा?
राज्य की राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में अगले दिनों में बादल और स्थानीय बारिश का असर देखने को मिल सकता है. वहीं जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, शहडोल और उमरिया जैसे पूर्वी जिलों में 12 सितंबर की भारी बारिश की चेतावनी ज्यादा महत्वपूर्ण है. हालांकि किसी शहर में कितनी बारिश होगी, इसका सही अंदाजा जिला स्तर के अपडेट से ही लगाया जा सकता है.
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. ग्रामीण इलाकों में खेतों और निचले स्थानों में पानी जमा हो सकता है. 12 सितंबर को भारी बारिश वाले जिलों में लंबी यात्रा से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति जरूर देख लें.
मौसम का यह दौर क्यों आया?
IMD के मुताबिक मध्य प्रदेश में मौसम की सक्रियता के पीछे मौसमी सिस्टम और मानसून की गतिविधियां जिम्मेदार हैं. हाल के दिनों में राज्य में कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण भी अच्छी बारिश दर्ज हुई थी. IMD के 5 सितंबर के बुलेटिन में मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई थी.
