देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापसी की ओर बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल बन रही है. सामान्य तौर पर मानसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान से शुरू होती है और इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे हिस्सों से मानसून पीछे हटता है.
IMD के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. उत्तर प्रदेश में 18 सितंबर तक बारिश की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 18 से 20 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
पश्चिमी राजस्थान से शुरू होगी मानसून की वापसी
IMD के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 18 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, लेकिन 19 और 20 सितंबर को मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है. इसी वजह से पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल मानी जा रही हैं.
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कब तक पूरे देश से मानसून की हो जाएगी वापसी?
मानसून की वापसी एक साथ पूरे देश से नहीं होती, बल्कि यह चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है. पश्चिमी राजस्थान से शुरुआत होने के बाद इसके दूसरे हिस्सों से पीछे हटने में समय लगता है. IMD के नियमों के मुताबिक पूरे देश से मानसून की वापसी अक्टूबर के बाद ही पूरी तरह घोषित की जाती है, जब मौसम की स्थिति और हवाओं का पैटर्न इसके अनुकूल हो.
इस बीच बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में बन रहे मौसम तंत्रों की वजह से देश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है. IMD ने 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना भी जताई है. इसलिए मानसून की वापसी शुरू होने के बावजूद सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश की गतिविधियों पर पूरी तरह विराम लगने की उम्मीद नहीं है.
