Monsoon Tracker: चक्रवात ‘बिपरजॉय’ ने मानसून को किया कमजोर ? स्काईमेट वेदर ने कही ये बात

Monsoon 2023: गंभीर चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ के गुजरात में 15 जून को पहुंचने की आशंका है. इधर जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के 16 जून को दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में प्रवेश करने की संभावना है. जानें मानसून को लेकर ताजा अपडेट

देश के कई राज्यों में इस वक्त गर्मी से लोग परेशान हैं और उन्हें अब मानसून की बारिश का इंतजार है. इस बीच मानसून को लेकर निजी पूर्वानुमान एजेंसी ‘स्काईमेट वेदर’ ने जानकारी दी है. ‘स्काईमेट वेदर’ ने अगले चार सप्ताह में भारत में कमजोर मानसून का अनुमान जताया, जिससे कृषि पर प्रभाव के बारे में चिंता बढ़ गयी.

अपने पूर्वानुमान में एजेंसी ने कहा कि एक्सटेंडेड रेंज प्रेडिक्शन सिस्टम (ईआरपीएस) अगले चार हफ्तों के लिए, छह जुलाई तक एक निराशाजनक दृष्टिकोण पेश कर रहा है. स्काईमेट वेदर ने कहा कि भारत के मध्य और पश्चिमी हिस्सें मौसम की शुरुआत में अपर्याप्त वर्षा के कारण सूखे के प्रभाव से निपटने में चुनौतियों का सामना कर सकते हैं.

आपको बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून की सामान्य तिथि के एक सप्ताह बाद 8 जून को केरल पहुंचा था. निजी एजेंसी ने कहा कि अरब सागर में चक्रवात ‘बिपरजॉय’ ने पहले केरल में मानसून की शुरुआत में देरी की और अब बारिश वाली प्रणाली की प्रगति को बाधित कर रहा है.

मौसम विभाग (आईएमडी) ने ‘बिपरजॉय’ चक्रचात को लेकर जो ताजा जानकारी दी है उसके अनुसार, चक्रवाती तूफान कमजोर हो गया और 11.30 बजे पोरबंदर के लगभग 310km दक्षिण-पश्चिम, देवभूमि द्वारका के 320km दक्षिण-पश्चिम, जखाऊ पोर्ट के 380km दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम पर केंद्रित है और 15 जून की शाम तक जखाऊ पोर्ट (गुजरात) को पार करेगी.

आइएमडी के आंकड़ों के अनुसार ‘बिपरजॉय’ अरब सागर में सबसे लंबे समय तक रहने वाला चक्रवाती तूफान बन सकता है. इस चक्रवात की अवधि लगभग सात दिन और 12 घंटे है. आइएमडी ने कहा कि अरब सागर के ऊपर 2019 के अत्यंत गंभीर चक्रवात ‘क्यार’ की अवधि नौ दिन और 15 घंटे थी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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