Video: कौन है ‘कीर्तिदान गढ़वी’ जिसके कार्यक्रम में होती है पैसों की बरसात?

गुजरात के लोक गायक किर्तिदान गढ़वी एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. इस बार गुजरात के वलसाड में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके उपर पैसों की बरसात होते हुए नजर आया. जानिए कौन है किर्तिदान गढ़वी जिस पर दर्शक इतने फिदा नजर आते हैं?

गुजरात के लोक गायक किर्तिदान गढ़वी एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. इस बार गुजरात के वलसाड में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके उपर पैसों की बरसात होते हुए नजर आया. कार्यक्रम में आये लोग गढ़वी का गीत सुनकर इतना खुश हुए की उन्होंने गढ़वी के उपर 10, 20 और 100 रूपये की नोटों की बरसात कर दी, जिसका वीडियो काफी वायरल हो रहा है.


परफॉर्मिंग आर्ट्स से संगीत में BPA और MPA हैं गढ़वी

गढ़वी का जन्म और पालन-पोषण मध्य गुजरात के वालवोड, खेड़ा जिले में हुआ. कीर्तिदान ने एम.एस. यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ परफॉर्मिंगआर्ट्स से संगीत में अपना बीपीए और एमपीए प्राप्त किया है. जिसके बाद वे भावनगर चले गए और भावनगर विश्वविद्यालय में संगीत शिक्षक बन गए.

वर्ल्ड टैलेंट ऑर्गनाइजेशन, यूएसए के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं गढ़वी

गढ़वी को यूएस में “वर्ल्ड अमेजिंग टैलेंट” अवार्ड से सम्मानित किया गया और वे वर्ल्ड टैलेंट ऑर्गनाइजेशन, यूएसए के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं. “लाडकी”, “नगर में जोगी आया” और “गोरी राधा ने कालो कान” उनके लोकप्रिय गीतों में से हैं. वर्तमान में वह कच्छ जिले, काठियावाड़ में अपने संगीत कार्यक्रमों की यात्रा की सुविधा के लिए राजकोट में रह रहे हैं.

किर्तिदान गढ़वी कोक स्टूडियो में कर चुके हैं परफॉर्म

किर्तिदान गढ़वी ने 2015 में जामनगर, गुजरात में एक गाय संरक्षण रैली में शुरुआत की, जिसने 45 मिलियन रुपये जुटाए. उन्होंने अप्रैल 2015 में टीवी शो एमटीवी कोक स्टूडियो में सचिन-जिगर, तनिष्का और रेखा भारद्वाज के साथ “लाडकी” गाना गाया, जिससे उनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी.

कई कार्यक्रमों में हुई है गढ़वी पर पैसों की बरसात 

ये पहला मौका नहीं जब किर्तिदान गढ़वी पर पैसों की बारिश हुई हो, इससे पहले भी कई गढ़वी के उपर पैसों की बारिश होते हुए कई वीडियो वायरल हो चुके हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >