Maharashtra News महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया और दर्जनों गवाहों के बयान भी दर्ज किए है. वहीं, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है. यह जवाब देशमुख की जमानत याचिका पर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में सुनवाई चल के दौरान दाखिल किया गया. अगली सुनवाई 14 फरवरी को होगी. अधिवक्ता अनिकेत निकम ने यह जानकारी दी.
अनिल देशमुख के ओएसडी ने ने दिया ED को बयान
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ओएसडी रवि व्हटकर ने ईडी को दिए बयान में कहा है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए पुलिस इंस्पेक्टरों के नाम को अंतिम रूप देने के सिलसिले में अनिल देशमुख, पर्यावरण मंत्री अनिल परब और संबंधित पुलिस आयुक्त निजी और गोपनीय मीटिंग करते थे. इन बैठकों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था.
देशमुख के खिलाफ दायर चार्जशीट में ईडी ने कई लोगों को बनाया गवाह
मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल देशमुख के खिलाफ दायर चार्जशीट में ईडी ने कई लोगों को गवाह बनाया है. इनमें रवि व्हटकर भी हैं. रवि व्हटकर ने ईडी को बताया है कि पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के ट्रांसफर की सूची तैयार करना उनके काम में शामिल था. उनका दावा है कि अनिल परब खुद धनेश्वरी, सह्याद्री या मंत्रालय में देशमुख से मिलते थे और अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के संबंध में शिवसेना की सिफारिशों की सूची के बारे में उनसे बात करते थे.
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