पासपोर्ट विवाद: विपक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, पूछा- आखिर भारतीय होने का प्रमाण क्या है?

Ministry of External Affairs:विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट को अंतिम नागरिकता प्रमाण न मानने वाले बयान पर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस, AIMIM और NCP (शरद पवार) ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों पर सवाल पूछा है. विपक्ष ने सरकार के इस बयान को जनता में भ्रम फैलाने वाला बताया.

Ministry of External Affairs: विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के उस बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है, जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. इस मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं. विपक्ष ने मोदी सरकार से सवाल किया है कि आखिर भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज मान्य है.

पासपोर्ट पर सरकार के बयान से बढ़ा विवाद

विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट पासपोर्ट को एक बयान जारी किया है. जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट सिर्फ अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देना है और इसे नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कानूनी स्थिति कोई नई नहीं है और कई दशकों से लागू है.

कांग्रेस ने पूछा- फिर नागरिकता का सबूत क्या?

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, तो आम नागरिक आखिर किस दस्तावेज के आधार पर अपनी नागरिकता साबित करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी भी की.

ओवैसी बोले- लोगों में भ्रम पैदा हो रहा

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस बयान लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(a) का हवाला देते हुए कहा कि कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिक को ही जारी किया जा सकता है. ऐसे में सरकार के बयान को लेकर स्पष्टता जरूरी है.

एनसीपी (शरद पवार) ने भी उठाए सवाल

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि पहले आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया, फिर वोटर आईडी को भी पर्याप्त नहीं बताया गया और अब पासपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की. उन्होंने कहा कि फिर नागरिकता साबित करने का मान्य आधार क्या है.क्रास्टो ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में भाजपा की सदस्यता को ही नागरिकता का प्रमाण मान लिया जाए.

राजनीतिक बहस तेज

पासपोर्ट विवाद को संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है. विपक्ष सरकार से नागरिकता के प्रमाण को लेकर स्पष्ट नीति बताने की मांग कर रहा है, जबकि केंद्र का कहना है कि कानून में कोई बदलाव नहीं हुआ है और पुराने नियमों को ही दोहराया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Satyendra Giri

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >