Waqf Bill: ‘अमित शाह के दिल में चोर’, महबूबा बोलीं- जम्मू-कश्मीर में भड़क रहा ज्वाला कभी भी फट सकता है

Waqf Bill: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला बोला.

Waqf Bill: पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा, “वे जानते हैं कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाकर कोई समस्या हल नहीं की है. अमित शाह को हर बार कश्मीर में कुछ होने पर बैठक बुलानी पड़ती है, क्योंकि वह जानते हैं कि उन्होंने कश्मीर के साथ क्या किया है. अमित शाह के दिल में चोर है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के साथ जो किया उससे लोग खुश नहीं है. एक लावा भड़क रहा है, जो कभी भी फट सकता है. वे केवल वोट चाहते हैं. उनका दिल अनुच्छेद 370 से भर गया है. मंदिर-मस्जिद के बाद अब उनकी नजर वक्फ पर है. अब वे वक्फ विधेयक (संशोधन) लेकर आए हैं.”

Mehbooba Mufti

अनुच्छेद 370 हमारा सुरक्षा कवच था : महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, आर्टिकल 370 हमारा सुरक्षा कवच था. लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2019 में हमसे हमारा कवच छीन लिया. 370 हमारी जमीन और नौकरी बचाता था.

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वक्फ संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट बृगुरुवार को लोकसभा के पटल पर रखी गई. लेकिन इसपर विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया. समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने रिपोर्ट को पटल पर रखा. इससे पहले रिपोर्ट राज्यसभा के पटल पर भी रखी गई. समिति की रिपोर्ट 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सौंपी गई थी. वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद आठ अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था. विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को विनियमित और प्रबंधित करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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