राजौरी : भारतीय वायुसेना में पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव जम्मू-कश्मीर की निवासी माव्या सूडान को मिला है. पहली महिला फाइटर पायलट बनने पर जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर बधाई दी है. साथ ही कहा है कि इस उपलब्धि ने लाखों बेटियों के सपनों को पंख दिये हैं.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के राजौरी में नौशेरा की सीमा तहसील के लम्बेरी गांव की निवासी माव्या सूडान ने फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन किया है. माव्या भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में शामिल होनेवाली राजौरी की 12वीं और पहली महिला अधिकारी बन गयी हैं.
एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शनिवार को वायु सेना अकादमी, डुंडीगल, हैदराबाद में आयोजित संयुक्त स्नातक पासिंग आउट परेड की समीक्षा की. माव्या के पिता विनोद सूडान ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा, ”मुझे गर्व महसूस हो रहा है. अब वह सिर्फ हमारी बेटी नहीं, बल्कि इस देश की बेटी है. हमें लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं.”
पहली महिला फाइटर पायलट की बहन व माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में जेई मान्यता सूडान ने बताया कि अपने स्कूल के दिनों से ही माव्या का झुकाव वायु सेना की ओर था. वह हमेशा से फाइटर पायलट बनना चाहती थीं. उन्होंने कहा कि ”मुझे अपनी छोटी बहन पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है.”
साथ ही उन्होंने कहा कि ”बचपन से यह उसका सपना था. मुझे यकीन है कि वह जल्द ही अपनी प्रतिष्ठा बढ़ायेगी. यह अभी शुरुआत है. हर कोई उसे अपनी बेटी की तरह मान रहा है. यह सभी के लिए एक प्रेरक कहानी है.
माव्या की मां सुषमा सूडान ने कहा है कि ”मुझे खुशी है कि उसने इतनी मेहनत की है और अपना लक्ष्य हासिल किया है. उसने हमें गर्व महसूस कराया है.” वहीं, वायुसेना की पहली महिला फाइटर की दादी पुष्पा देवी ने कहा कि ”माव्या की खबर से गांव के सभी लोग खुश हैं.”
जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा है कि ”जम्मू-कश्मीर की बेटी माव्या सूडान को बधाई, जिन्हें भारतीय वायुसेना में एक फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है. आपको इतिहास रचते हुए देखना बहुत गर्व और खुशी की बात है. इस उपलब्धि से आपने हमारी लाखों बेटियों के सपनों को पंख दिये हैं.”
