कम हो गई ठिठुरन, समय से पहले सर्दी खत्म! इन राज्यों में बढ़ रहा तापमान

Mausam News: उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कमी आ रही है. अधिकतम तापमान बढ़ रहा है. स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत समेत कई इलाकों से कड़ाके की सर्दी का दौर खत्म हो गया है. अब धीरे-धीरे अधिकतम तापमान में इजाफा होगा.

Mausam News: फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही मौसम ने करवट ले ली है. कई राज्यों में सर्दी का असर तेजी से कम होता दिख रहा है. सुबह और शाम की ठिठुरन घट रही है. वहीं दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच रहा है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार सर्दी समय से पहले विदा ले सकती है. स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत में सर्दी अब कमजोर पड़ने लगी है.

दिल्ली में न्यूनतम तापमान में इजाफा

स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है. दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में बुधवार को न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है. वहीं अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. जबकि 9 फरवरी को दिल्ली में अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान है. आमतौर पर फरवरी के दूसरे हिस्से में दिन का तापमान बीस डिग्री के स्तर तक पहुंचता है.

क्यों बढ़ रहा है न्यूनतम तापमान

स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक तापमान में इतनी जल्दी बढ़ोतरी का एक अहम कारण उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली–एनसीआर में सर्दियों के दौरान लगभग बारिश का न होना है. इस बार पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय नहीं रहे, उनका दायरा भी सिमित रहा, जिसके कारण मैदानी क्षेत्रों में मौसम सामान्य से अधिक शुष्क बना रहा. सर्दियों में जब बादल और बारिश नहीं होती, तो सूर्य की गर्मी सीधे धरती तक पहुंचती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है और दिन का तापमान बढ़ जाता है. इसी कारण इस बार ठंड अपेक्षाकृत जल्दी कमजोर पड़ती नजर आ रही है.

कड़ाके की सर्दी की वापसी के संकेत नहीं

स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रह सकता है. इसके बाद फिर से उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाओं के आने से न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है. हालांकि वेदर रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरावट अल्पकाल के लिए होगा. स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट है कि उत्तर पश्चिम भारत में सर्दी का दौर अब समाप्ति की ओर है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीच-बीच में ठंड बढ़ सकती है, लेकिन कड़ाके की ठंड अब नहीं लौटेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >