Manipur Violence : इंफाल में विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, 30 से अधिक छात्र घायल, इंटरनेट बैन

Manipur Violence : मणिपुर में जुलाई से लापता दो छात्रों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद राज्य सरकार ने लोगों से संयम बरतने और अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने देने की अपील की है. हालांकि सरकार की अपील का कोई असर नहीं हुआ और राजधानी इंफाल में विरोध प्रदर्शन किया गया.

Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इंफाल घाटी में दो युवकों की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पर पुलिस ने मंगलवार को आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिसमें 30 से अधिक छात्र घायल हो गए. पांच दिनों के लिए इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक, घायलों में ज्यादातर लड़कियां हैं. इन दोनों युवकों का जुलाई में कथित तौर पर अपहरण किया गया था. दो युवकों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ घंटों बाद इंफाल स्थित स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने विरोध रैलियां निकालीं और हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते नजर आए. प्रदर्शनकारियों की इंफाल पूर्वी जिले के संजेनथोंग के पास पुलिस के साथ झड़प हो गई जब सुरक्षाबलों ने उन्हें यहां मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया. पुलिस ने आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया. आंदोलनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ-साथ लाठीचार्ज किया गया. मामले को लेकर एक पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि दो युवकों की हत्या के विरोध में इंफाल में स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने रैली निकाली. जैसे ही छात्र मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर बढ़ रहे थे, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की.

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मणिपुर में इंटरनेट सेवाएं पांच दिनों के लिए निलंबित

इम्फाल घाटी में दो युवकों की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पर मंगलवार को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के कुछ घंटे बाद मणिपुर सरकार ने अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं पर फिर से बैन लगा दिया है. इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई जिसमें कहा गया कि मणिपुर सरकार ने राज्य के अधिकार क्षेत्र में वीपीएन के माध्यम से मोबाइल इंटरनेट डेटा सेवाओं, इंटरनेट/डेटा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से एक अक्टूबर, 2023 की शाम 7:45 बजे तक निलंबित करने का निर्णय लिया है.

शवों की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल

चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि पुलिस कार्रवाई में 30 से अधिक छात्र घायल हो गए और उन्हें इंफाल के तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. लापता छात्रों के शवों की तस्वीरें सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिसके बाद मणिपुर सरकार ने लोगों से संयम बरतने और अधिकारियों को दोनों के अपहरण और हत्या की जांच करने में सहयोग करने के लिए कहा. दोनों युवकों की पहचान फिजाम हेमजीत (20) और हिजाम लिनथोइनगांबी (17) के रूप में हुई. दोनों युवकों की हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छात्रों ने इंफाल पश्चिम जिले के उरीपोक, ओल्ड लाम्बुलाने, सिंगजामेई में भी रैलियां निकालीं. थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों से छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच इसी तरह की झड़प की सूचना मिली है.

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मणिपुर में 3 मई से जारी है जातीय हिंसा

गौरतलब है कि मणिपुर 3 मई से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. मैतेई और कुकी समुदाय के लोग एक-दुसरे की जान के पीछे पड़ गये हैं. दोनों समुदाय के बीच आरक्षण को लेकर विवाद है. मैतेई एसटी आरक्षण की मांग पर अड़ी हुई है, तो दूसरी ओर कुकी, मैतेई को एसटी दर्जा दिए जाने का लगातार विरोध कर रहे हैं. मणिपुर में जारी हिंसा में अबतक कुल 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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