मणिपुर में भड़की हिंसा ने अबतक 54 लोगों की जान ले ली है. इधर राज्य में होने वाली NEET (UG)-2023 की परीक्षा भी हिंसा के कारण स्थगित कर दी गयी है. इसके मद्देनजर मणिपुर के शिक्षा मंत्री डॉ राजकुमार रंजन सिंह ने एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को पत्र लिखकर नयी तारीख की घोषणा करने के लिए कहा है.
NEET (UG)-2023 परीक्षा के लिए जारी होगी नयी तारीख
एनईईटी (यूजी) -2023 परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए स्थगित कर दी गई जिन्हें मणिपुर में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए थे और उनकी परीक्षा बाद की तारीख में आयोजित की जाएगी. शिक्षा राज्य मंत्री डॉ राजकुमार रंजन सिंह ने एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को पत्र लिखकर मणिपुर की स्थिति के मद्देनजर परीक्षा को पुनर्निर्धारित करने के लिए कहा है.
मणिपुर हिंसा में 54 लोगों की मौत, इंफाल घाटी में शांति; ज्यादातर दुकानें और बाजार खुले
मणिपुर में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है. अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इंफाल घाटी में शनिवार को जनजीवन सामान्य नजर आया और ज्यादातर दुकानें तथा बाजार फिर से खुले, सड़कों पर वाहन भी नजर आए. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रमुख क्षेत्रों और सड़कों पर सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों, त्वरित कार्य बल (आरएएफ) और केंद्रीय पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है.
Also Read: Manipur Violence: मणिपुर की स्थिति पर अमित शाह की नजर, अधिकारियों से लगातार ले रहे अपडेट्स
इलाके में शांति के लिए सुरक्षा बल तैनात
अधिकारियों ने बताया कि इंफाल शहर और अन्य जगहों पर सुबह ज्यादातर दुकानें और बाजार खुले, लोगों ने सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदीं. हालांकि, इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात रहे. 54 मृतकों में से 16 शव चुराचांदपुर जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखे गए हैं, जबकि 15 शव इंफाल पूर्वी जिले में जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान में रखे हुए हैं.
मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा
मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) की ओर से बुधवार को आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी.
