Manipur Violence: मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा, बंदूकधारियों और असम राइफल्स के बीच गोलीबारी, दो जवान घायल

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब पौने छह बजे के आसपास इंफाल ईस्ट जिले में वाईकेपीआई के उत्तर में उरंगपत के पास स्वचालित छोटे हथियारों से गोलीबारी करने की आवाजें सुनी गईं.

मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इंफाल पश्चिम जिले के उत्तरी बोलजांग में गुरुवार तड़के करीब पांच बजे अज्ञात बंदूकधारियों और असम राइफल्स के जवानों के बीच गोलीबारी की सूचना मिली है. मौजूदा हिंसा को लेकर सेना का बयान सामने आया है. जिसमें बताया गया कि गोलीबारी में दो सैनिकों को मामूली रूप से चोटें आईं हैं. दोनों सैनिकों की हालत स्थिर है. सर्च अभियान में एक इंसास लाइट मशीन गन बरामद की गई.

इलाके में स्थिति नियंत्रण में

हिंसा के बाद बताया जा रहा है कि फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और बंदूकधारियों को पकड़ने के लिए तलाश अभियान जारी है.

बुधवार को भी हुई थी गोलीबारी

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम करीब पौने छह बजे के आसपास इंफाल ईस्ट जिले में वाईकेपीआई के उत्तर में उरंगपत के पास स्वचालित छोटे हथियारों से गोलीबारी करने की आवाजें सुनी गईं. बुधवार को शाम साढ़े पांच बजे के आसपास अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हरोथेल की ओर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी किए जाने की भी खबरें हैं. हालांकि, क्षेत्र में शाम साढ़े सात बजे के आसपास हालात नियंत्रित हो गए. महिला प्रदर्शनकारियों ने सॉवोनबंग-वाईकेपीआई मार्ग को कई जगहों पर बाधित किया.

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मणिपुर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसा प्रभावित मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए 24 जून को नयी दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए 24 जून को दोपहर तीन बजे नयी दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

हिंसा में अबतक 120 लोगों की हो चुकी है मौत

गौरतलब है कि मेइती समुदाय की ओर से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिये जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसक झड़पें हुईं हैं. हिंसा में अब तक करीब 120 लोगों की जान गई है और 3,000 से अधिक घायल हुए हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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