Manipur Violence: हिंसा के बीच स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया

तमिलनाडु खेलो इंडिया गेम्स के 2024 संस्करण की मेजबानी करने वाला है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि मणिपुर को ‘चैंपियन, खासकर महिला चैंपियन’ पैदा करने के लिए जाना जाता है और तमिलनाडु, राज्य के मौजूदा हालात को गहरी चिंता और पीड़ा के साथ देख रहा है.

मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले को लेकर राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है. रह-रह कर हिंसा की खबरें आ रही हैं. महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को लेकर पूरे देश में उबाल है. आरोपियों के खिलाफ सख्त-सख्त सजा की मांग की जा रही है. इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हिंसाग्रस्त राज्य के खिलाड़ियों को मदद के लिए हाथ बढ़ाया है.

स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंसा प्रभावित मणिपुर के खिलाड़ियों को अपने राज्य में प्रशिक्षण के लिए रविवार को आमंत्रित किया. वहीं, एम के स्टालिन के बेटे और राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. स्टालिन ने एक बयान में कहा कि मणिपुर के हालात वहां के खिलाड़ियों के लिए ‘खेलो इंडिया’ और एशियाई खेलों जैसे आयोजनों के लिए प्रशिक्षण लेने के वास्ते अनुकूल नहीं हैं. उन्होंने कहा, मैंने युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु में मणिपुर के खिलाड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया है. उदयनिधि ने खेल विभाग की ओर से उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

तमिलनाडु ‘खेलो इंडिया गेम्स’ के 2024 संस्करण की मेजबानी करेगा

तमिलनाडु खेलो इंडिया गेम्स के 2024 संस्करण की मेजबानी करने वाला है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि मणिपुर को ‘चैंपियन, खासकर महिला चैंपियन’ पैदा करने के लिए जाना जाता है और तमिलनाडु, राज्य के मौजूदा हालात को गहरी चिंता और पीड़ा के साथ देख रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति प्यार और देखभाल की भावना का अनुसरण कर रही है. उन्होंने ‘याथुम ऊरे, यावरुम केलिर’ कहावत का जिक्र किया, जिसका अर्थ है ‘हर जगह मेरी है और सभी लोग मेरे संबंधी हैं. एम के स्टालिन ने कहा कि यह कहावत तमिलनाडु में मणिपुर के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के संबंध में उनके निर्देश का आधार बनी. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में प्रशिक्षण के इच्छुक मणिपुर के खिलाड़ी उनकी सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या पहचान प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण आवश्यकताओं सहित अन्य विवरण के साथ उसे ईमेल भेज सकते हैं.

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4 मई को क्या हुई थी घटना

दरअसल मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और छेड़छाड़ का वीडियो बुधवार यानी 18 जुलाई को सामने आया था. जांच के बाद पता चला की घटना 4 मई को ही घटी थी. लगभग एक हजार लोगों की हथियारबंद भीड़ ने कांगपोकपी जिले के एक गांव पर हमला किया और मकानों में लूटपाट की, उनमें आग लगायी, हत्या की तथा दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया. 3 मई से मणिपुर हिंसा की आग में चल रहा है. अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को आयोजित ‘ट्राइबल सॉलिडारिटी मार्च’ (आदिवासी एकजुटता मार्च) के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं. राज्य में मेइती समुदाय की आबादी करीब 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं. वहीं, नगा और कुकी समुदाय के आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं.

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वीडियो मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी

मणिपुर पुलिस ने चार मई को राज्य के कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में शनिवार को एक किशोर समेत दो लोगों को पकड़ा है. इस मामले में अब तक छह लोगों को पकड़ा गया है. इनमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे सार्वजनिक हुए वीडियो में बी फाइनोम गांव में एक महिला को घसीटते हुए देखा गया था. पुलिस ने कहा कि कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करके बाकी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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