Shirdi Express: महाराष्ट्र के लातूर के एक व्यक्ति को हैदराबाद के हाफिजपेट रेलवे स्टेशन के पास साईनगर शिरडी-काकीनाडा पोर्ट एक्सप्रेस में पांच लोगों ने कथित रूप से बेरहमी से पीटा. पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी धार्मिक पहचान, टोपी पहनने और दाढ़ी रखने के कारण उसे पीटना शुरू कर दिया. 32 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि जब उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो ट्रेन में मौजूद उनके साथियों पर भी हमले किए गए. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पीड़ित को रोते हुए और ट्रेन में मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी देते देखा जा सकता है.
महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है पीड़ित
पीड़ित की पहचान इमरान बाबू सैयद (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं और 9 फरवरी को हुई घटना के समय साईनगर शिरडी-काकीनाडा पोर्ट एक्सप्रेस से लातूर जा रहे थे. मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए उस शख्स वीडियो में कहा, ‘मुझे बस उठाया और मारते चले गये.’ उसने बताया कि दाढ़ी और टोपी पहने देखकर उन्होंने उसे निशाना बनाया और बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाले उसके दोस्त पर भी हमला किया.
कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
इमरान के बयान के अनुसार, हमलावरों ने उनकी दाढ़ी और टोपी को देखकर उन्हें निशाना बनाया और उन पर हमला किया. इस बीच इमरान को बचाने की कोशिश करने वाले उनके साथियों को भी पीटा गया. इमरान ने कहा है कि वह हमलावरों की पहचान कर सकता है और जांच में अधिकारियों की सहायता करने को तैयार है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी की पुष्टि अब तक नहीं की गई है.
मामले को मुस्लिम एंगल से जोड़ा जा रहा
muslimmirror.com ने इस घटना का जिक्र करते हुए अपने एक आर्टिकल में लिखा कि यह घटना भारत में मुसलमानों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न की घटनाओं की कड़ी में एक और कड़ी जोड़ती है, जहां धार्मिक प्रतीकों या पहचान के आधार पर व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है. ट्रेनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले ऐसे हमले सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करते हैं. इस घटना ने ऑनलाइन आक्रोश पैदा कर दिया है और न्याय सुनिश्चित करने और इस तरह की नफरत से प्रेरित हिंसा को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है.
सोशल मीडिया पर बवाल
इमरान ने आगे बताया कि उसकी दाढ़ी खींची गई, उसकी टोपी फेंक दी गई और उस पर बार-बार हमला किया गया, जिससे उसे चोटें आईं और उसके मुंह से खून बहने लगा. उसके दोस्त ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उसे भी कथित तौर पर पीटा गया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया. इमरान से रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस से मामले की जांच करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है. हालांकि अब तक इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
मामले में नया ट्विस्ट
इस पूरे मामले में एक बड़ा ट्विस्ट अब सामने आने लगा है. सोशल मीडिया एक्स पर फरजाना अली मजारी नाम के एक यूजर ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि इमरान झूठ बोल रहा है. फरजान ने लिखा, ‘मैं उसी कोच में था. यह आदमी झूठ बोल रहा है, वह एक नाबालिग लड़की को गलत तरीके से छू रहा था. जिसे दूसरे पैसेंजर ने देख लिया और उन्होंने उसकी पिटाई कर दी. पुलिस को भी इन्फॉर्म किया. पुलिस के आने पर वह धर्म कार्ड दिखाने लगा. मैं मुस्लिम हूं, इसलिए मैंने उसे दो बार चप्पल से पीटा. तो इसका मुस्लिम से कोई लेना-देना नहीं है.’
ये भी पढ़ें…
राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाएगी मोदी सरकार
मोदी सरकार के दो मंत्रियों का दावा- झूठे हैं राहुल गांधी, ये रहे सबूत
